बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में छह दिन से लापता 50 वर्षीय हिंदू ज्वैलर निरंजन चंद्र सूत्रधार का शव पानी में तैरते एक नीले ड्रम से बरामद हुआ है। ड्रम स्लुइस गेट के पास मिला था। पुलिस के मुताबिक, शव पर चोट के निशान पाए गए हैं और शुरुआती जांच में आशंका है कि निरंजन की हत्या करने के बाद शव को ड्रम में रखकर पानी में फेंका गया।
निरंजन मयमनसिंह के अठारबाड़ी बिल्डिंग इलाके में ज्वैलरी की दुकान से जुड़े थे। उनकी पहचान कपड़ों की जेब से मिले मयमनसिंह हिंदू कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन के कार्ड/टोकन के जरिए हुई। इसके बाद पुलिस ने परिवार से संपर्क किया और परिजनों ने शव की पहचान की।
पानी में तैरता मिला ड्रम, अंदर था शवपुलिस के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने पानी में एक ड्रम तैरता देखा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ड्रम को बाहर निकाला। उसके अंदर शव मिला। पहचान के लिए मृतक की जेब में मिले क्रेडिट यूनियन के टोकन ने अहम भूमिका निभाई।
निरंजन चंद्र सूत्रधार की उम्र 50 साल बताई गई है। वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ मयमनसिंह के स्टेडियम इलाके में किराए के मकान में रहते थे। उनका संबंध अठारबाड़ी बिल्डिंग क्षेत्र की ज्वैलरी की दुकान से था।
20 सितंबर को घर से निकले, फिर नहीं लौटेनिरंजन 20 सितंबर को घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटे थे। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन शुरुआत में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। इसकी वजह यह बताई गई कि वह पहले भी काम के सिलसिले में कई दिनों तक घर से बाहर रह चुके थे और बाद में लौट आते थे।
पुलिस के मुताबिक, 21 सितंबर को उनके एक भतीजे ने उन्हें स्टेडियम इलाके में देखा था। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। कुछ दिन बाद पानी में तैरते ड्रम से उनका शव बरामद किया गया।
सिर और सीने पर चोट के निशानमयमनसिंह कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के अधिकारी के मुताबिक, शव पर धारदार हथियार से चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस को सिर और सीने पर चोट के निशान मिले हैं। इसी आधार पर जांचकर्ता आशंका जता रहे हैं कि निरंजन को पहले मारा गया और उसके बाद शव को ड्रम में रखकर पानी में डाल दिया गया।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह पता नहीं लगाया है कि इस घटना के पीछे कौन था और हत्या का कारण क्या था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
परिवार ने ऐसेकी शव की पहचानशव मिलने के बाद शुरुआत में मृतक की पहचान स्पष्ट नहीं थी। उसकी जेब से मयमनसिंह हिंदू कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन का टोकन मिला। पुलिस ने टोकन के आधार पर संबंधित संस्था से संपर्क किया, जिसके जरिए निरंजन की पहचान की गई।
इसके बाद उनकी पत्नी सुमिता रानी सूत्रधार और बेटे जॉय सूत्रधार ने शव की पहचान की। इस तरह छह दिन से लापता ज्वैलर की तलाश का अंत उनके शव मिलने के साथ हुआ।
हत्या के पीछे क्या था मकसद, जांच जारीनिरंजन चंद्र सूत्रधार की मौत के पीछे क्या वजह थी और उन्हें किसने निशाना बनाया, इन सवालों का जवाब अभी जांच में सामने नहीं आया है। पुलिस हत्या की आशंका के आधार पर मामले की जांच कर रही है। शव को ड्रम में रखकर पानी में डालने की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
मयमनसिंह की यह घटना बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस जानकारी में निरंजन की हत्या के पीछे सांप्रदायिक या धार्मिक मकसद की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल जांच का मुख्य केंद्र मृतक की हत्या की परिस्थितियां, आरोपी की पहचान और घटना के पीछे के मकसद का पता लगाना है।