AI पर भाषण देते-देते फिसली जुबान, UNSC में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की हुई किरकिरी

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की हालिया बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ चर्चा के मुख्य विषय बने। बैठक का एजेंडा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उसकी चुनौतियों पर था, लेकिन आसिफ का भाषण केवल विषय की गंभीरता के कारण नहीं बल्कि उनके बार-बार फिसलते उच्चारण की वजह से सुर्खियों में आया।

भाषण में लगातार गलती

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AI के खतरों और संभावनाओं पर बोलते हुए आसिफ ने भाषण में लगभग सात बार शब्दों का सही उच्चारण नहीं किया। उन्होंने “breathtaking”, “reshaping our world” और “space” जैसे शब्दों को बोलते समय बार-बार गलती की। विशेष रूप से “risk” शब्द को उन्होंने “riks” बोल दिया, जिससे सभा में मौजूद कई प्रतिनिधि असहज नजर आए। यह सब क्षण कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

AI के खतरे की चेतावनी

हालांकि भाषण में उच्चारण की गलतियों के बावजूद, आसिफ ने AI के गंभीर खतरों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना था कि AI युद्ध की सीमा को घटा सकती है, निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है और कूटनीतिक विकल्पों को सीमित कर सकती है। अगर AI का जिम्मेदारी से उपयोग नहीं किया गया तो यह डिजिटल खाई को और चौड़ा कर सकता है और वैश्विक शांति के लिए खतरा बन सकता है।

भारत-पाक टकराव का हवाला

भाषण में ख्वाजा आसिफ ने हालिया भारत-पाक टकराव का उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में एक परमाणु संपन्न देश ने स्वायत्त लूटरिंग म्यूनिशन, हाई-स्पीड क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया। उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर का नाम लेते हुए कहा कि यह आधुनिक AI-आधारित युद्ध की भयावह संभावनाओं को दर्शाता है।

मई 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें तेज और तकनीकी रूप से उन्नत हथियारों का इस्तेमाल हुआ। बढ़ते तनाव के बावजूद, 10 मई को दोनों देशों ने संघर्ष विराम की घोषणा की।

इस बैठक में ख्वाजा आसिफ का भाषण AI की गंभीरता और वैश्विक सुरक्षा पर इसके प्रभाव दोनों पर चर्चा करने वाला था, लेकिन उनके लड़खड़ाते शब्द और उच्चारण की गलतियाँ सोशल मीडिया पर मजाक और आलोचना का कारण बन गईं।