आखिर पायलट क्यों बोलते है आपातकाल की स्थिति में 'May Day', आइये जानें

जब भी हवाई यात्रा का सफ़र करते हैं तो हवाई जहाज के पायलट नियमों के साथ हवाई जहाज चलाते हैं और कई बार आपातकाल की स्थिति भी बन जाती हैं। जब हवाई जहाज में कोई खराबी आ जाए या किसी अन्य प्रकार की समस्या हो तब पायलट द्वारा ‘मेडे’ (May Day) बोला जाता हैं। अजय देवगन की फिल्म रनवे 34 में भी आपने देखा होगा कि कैसे हवाई जहाज को लैंड कराते समय वे मेडे बोलते हैं। अब आमजन के मन में सवाल उठता हैं कि आखिर इस स्थिति में ‘मेडे’ ही क्यों बोला जाता हैं। तो आइये जानते हैं इससे जुड़ी यह अनोखी जानकारी।

मेडे शब्द का इस्तेमाल डिस्ट्रेस कॉल्स में किया जाता है। पायलट्स के द्वारा एयरपोर्ट्स पर मौजूद सेंटर्स में अपनी आपातकाल स्थिति को बताने के लिए डिस्ट्रेस कॉल किया जाता है। इस कॉल को तब किया जाता है जब प्लेन में खतरे में आ गया हो और पायलट समेत सभी यात्रियों की जान खतरे में हो। डिस्ट्रेस कॉल के लिए सबसे पहले पायलट कॉल करते ही 3 बार मेडे बोलता है जिससे जिन लोगों को सुनना है वो कोई गलत शब्द ना समझ लें। उसके बाद वो अपनी स्थिति, समस्या, प्लेन कहां है, कौन सा है, कितने लोग खतरे में हैं जैसी जानकारी देता है।

1920 के दौरान मेडे की शुरुआत हुई थी। लंदन के क्रॉडॉन एयरपोर्ट पर एक वरिष्ठ रेडियो ऑफिसर थे फ्रेडरिक स्टैनली मॉकफोर्ड। उन्होंने सबसे पहले इस सिग्नल का इस्तेमाल इमर्जेंसी कॉल के लिए किया था। उनसे पूछा गया था कि वो कोई ऐसा शब्द सुझाएं जो पायलट इमर्जेंसी कॉल में इस्तेमाल करे और ग्राउंड स्टाफ को अपनी स्थिति के बारे में बता सके। उस दौर में क्रॉयडॉन एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा विमान पैरिस के ली बॉर्गेट एयरपोर्ट से आते थे। फ्रेडरिक ने फ्रेंच शब्द “m’aider” का इस्तेमाल कर के मेडे शब्द बनाया। मेडियर का अर्थ फ्रेंच में होता है मेरी मदद करो। इससे पहले एसओएस का इस्तेमाल किया जाता था जिसका अर्थ होता था सेव आर सोल। 1927 में इंटरनेशनल रेडियो टेलिग्राफ कनवेंशन ने मेडे को रेडियोटेलिफोन डिस्ट्रेस कॉल के लिए चुन लिया।

मेडे के अलावा और भी कई तरह के शब्दों का इस्तेमाल डिस्ट्रेस कॉल के रूप में किया जाता है। पैन-पैन भी एक फेमस फ्रेज है। जो फ्रेंच शब्द “panne” से मिलकर बना है जिसका अर्थ होता है किसी चीज का ब्रेकडाउन। ये शब्द किसी मुश्किल परिस्थिति को बताने के लिए इस्तेमाल होता है। मेकैनिकल फेलियर या कोई मेडिकल समस्या के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं। पैन-पैन और मेडे में फर्क ये है कि पैन-पैन कम अर्जेंट स्थिति के लिए इस्तेमाल होता है जिसके लिए तत्काल कुछ करने की आवश्यकता नहीं होती है।