सोशल मीडिया पर इन दिनों गंगा नदी की स्वच्छता और लोगों की जिम्मेदारी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। ऋषिकेश से सामने आया एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम अपनी धार्मिक आस्था और पवित्र स्थलों के साथ कितना जिम्मेदार व्यवहार कर रहे हैं। भारत में मां गंगा को अत्यंत पवित्र माना जाता है और उनकी पूजा श्रद्धा के साथ की जाती है, ऐसे में उनके किनारे दिखाई देने वाली लापरवाही कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
यह मामूली लगने वाली घटना अब सोशल मीडिया पर एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है और लोग इस पर खुलकर अपनी राय रख रहे हैं।
पूजा के बाद कचरे को रेत में दबाती दिखी महिलायह वायरल वीडियो ऋषिकेश के प्रसिद्ध साईं घाट का बताया जा रहा है। वीडियो में एक महिला को गंगा किनारे रेत में छोटा सा गड्ढा खोदकर पूजा के बाद बचा हुआ कचरा दबाते हुए देखा जा सकता है। इस कचरे में प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री भी शामिल थी, जो पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक मानी जाती है।
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर सिएरा लिलियन नाम की एक विदेशी पर्यटक ने साझा किया है। उन्होंने बताया कि जब वह गंगा किनारे बैठी थीं, तब उन्होंने यह दृश्य देखा और महिला से बातचीत करने की कोशिश भी की, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया।
विदेशी पर्यटक ने जताई नाराजगी, कहा—यह व्यवहार निराशाजनक हैसिएरा लिलियन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें भारत और यहां की संस्कृति से गहरा लगाव है, लेकिन इस तरह की घटनाएं उन्हें बेहद निराश करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग गंगा को “मां” मानकर पूजा करते हैं, तो फिर उसी पवित्र स्थान पर कचरा फैलाना या दबाना कैसे उचित माना जा सकता है।
उनके अनुसार यह व्यवहार न केवल असंवेदनशील है बल्कि पर्यावरण और सार्वजनिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी की कमी को भी दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या केवल किसी एक वर्ग या उम्र तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी भी इस तरह की आदतों में शामिल दिखाई देती है।
सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएंवीडियो के वायरल होने के बाद इसे लाखों लोगों ने देखा और कई यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने इसे गलत परंपरा और लापरवाही बताया, जबकि कुछ ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
एक यूजर ने लिखा कि आस्था का मतलब प्रकृति को नुकसान पहुंचाना नहीं होता। वहीं दूसरे ने कहा कि पूजा-पाठ जरूरी है, लेकिन उसके बाद सफाई का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक स्थानों पर इस तरह कचरा छोड़ना किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता।