बात यह है कि वायरल हो रहा यह वीडियो किसी रोबोट की तकनीकी क्षमता या उसके उन्नत फीचर्स की वजह से नहीं, बल्कि उसके अनोखे व्यवहार के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। वीडियो में एक ह्यूमनॉइड रोबोट सड़क किनारे लोगों से पैसे मांगता दिखाई दे रहा है ताकि वह अपना बिजली बिल भर सके और खुद को रिचार्ज कर सके।
सिचुआन की सड़क पर दिखा अनोखा नजाराजानकारी के अनुसार यह घटना चीन के सिचुआन प्रांत की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक ह्यूमनॉइड रोबोट फुटपाथ पर घुटनों के बल बैठा नजर आता है। वह राहगीरों के सामने दोनों हाथ जोड़कर झुकता है और मानो उनसे सहायता की अपील कर रहा हो।
रोबोट के पास एक छोटी प्लेट रखी गई है, जिसमें लोग नकद राशि डाल सकते हैं। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान के लिए एक क्यूआर कोड भी मौजूद है। राहगीरों का ध्यान आकर्षित करने के लिए पास में लगे एलईडी डिस्प्ले और लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं कि रोबोट के पास रिचार्ज कराने के लिए पैसे नहीं हैं और उसे बिजली बिल चुकाने में मदद की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा वीडियोइस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @theOGalv नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लाखों लोग इसे देख चुके हैं और अलग-अलग तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं।
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कुछ लोग जिज्ञासावश रुककर रोबोट को देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग उसकी प्लेट में पैसे डालते या क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करते हुए भी नजर आते हैं। यही वजह है कि यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और कई देशों के सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बन गया।
यूनिट्री कंपनी का बताया जा रहा है रोबोटरिपोर्ट्स के मुताबिक वीडियो में दिखाई देने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट यूनिट्री जी1 मॉडल है, जिसे चीन की प्रसिद्ध रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री ने विकसित किया है। यह वही कंपनी है जिसने इस वर्ष उस समय अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं, जब उसके एक अन्य जी1 रोबोट ने इक्वाडोर के प्रसिद्ध चिम्बोराज़ो ज्वालामुखी पर चढ़ाई कर सबको चौंका दिया था।
यूनिट्री के रोबोट अपनी उन्नत गतिशीलता, संतुलन क्षमता और एआई आधारित कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि इस रोबोट को सड़क पर इस तरह भीख मांगते देखना लोगों के लिए बेहद असामान्य अनुभव साबित हुआ।
इंटरनेट पर छिड़ी बहस और मजेदार प्रतिक्रियाएंवीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे मजाकिया अंदाज में लेते हुए लिखा कि अब रोबोट इंसानों की नौकरियां ही नहीं, बल्कि भिखारियों का काम भी करने लगे हैं।
कुछ लोगों ने टिप्पणी की कि फिलहाल एआई ने दुनिया पर कब्जा नहीं किया है क्योंकि उसे अभी भी अपने बिजली बिल के लिए लोगों की मदद चाहिए। वहीं कई यूजर्स ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद मनोरंजक बताया।
हालांकि कुछ लोगों ने इस पर गंभीर सवाल भी उठाए। उनका मानना है कि यह संभवतः किसी प्रकार का प्रचार अभियान, कलात्मक प्रदर्शन या मार्केटिंग रणनीति हो सकती है। कई लोगों ने यह भी जानने की कोशिश की कि आखिर इस तरह के प्रदर्शन के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या है।
चीन के कई शहरों में दिख चुके हैं ऐसे रोबोटयह पहला मौका नहीं है जब किसी रोबोट को इस तरह लोगों से पैसे मांगते हुए देखा गया हो। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार चीन के कई अन्य शहरों में भी ऐसे दृश्य सामने आ चुके हैं।
बीजिंग, चेंगदू और फूझोउ जैसे शहरों में भी कई ह्यूमनॉइड रोबोट लोगों के बीच दिखाई दिए हैं, जो अपने पास भुगतान क्यूआर कोड रखकर मेरे पास फोन चार्ज करने के पैसे नहीं हैं या कृपया रिचार्ज में मदद करें जैसे संदेश प्रदर्शित करते नजर आए। इन घटनाओं ने लोगों के बीच तकनीक और मनोरंजन के अनोखे मिश्रण को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं।
क्या होते हैं ह्यूमनॉइड रोबोट?ह्यूमनॉइड रोबोट ऐसे रोबोट होते हैं जिन्हें इंसानों की तरह दिखने और व्यवहार करने के लिए डिजाइन किया जाता है। इनमें हाथ, पैर, सिर और शरीर की संरचना काफी हद तक मानव शरीर जैसी होती है, जिससे वे लोगों के साथ सहज तरीके से संवाद कर सकते हैं।
आज दुनिया की कई बड़ी तकनीकी कंपनियां इस क्षेत्र में तेजी से काम कर रही हैं। टेस्ला का ऑप्टिमस, फिगर एआई के रोबोट और बोस्टन डायनेमिक्स का एटलस जैसे प्रोजेक्ट्स इस तकनीक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। ये रोबोट न केवल चलने-फिरने में सक्षम हैं, बल्कि वस्तुओं को उठाने, निर्देशों का पालन करने और एआई की मदद से बातचीत करने जैसी क्षमताएं भी रखते हैं।
तेजी से बढ़ रहा है ह्यूमनॉइड रोबोट का बाजारविशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ह्यूमनॉइड रोबोट मानव जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। उद्योगों, अस्पतालों, वेयरहाउस, सेवा क्षेत्र और यहां तक कि घरेलू कार्यों में भी इनका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार वर्ष 2026 तक वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार का आकार लगभग 380 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ये रोबोट श्रमिकों की कमी को दूर करने, उत्पादकता बढ़ाने और कई कठिन कार्यों को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। हालांकि, ऐसे वायरल वीडियो यह भी दिखाते हैं कि तकनीक केवल गंभीर उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मनोरंजन और सामाजिक चर्चाओं का भी हिस्सा बन चुकी है।