आज भी दुनिया में ऐसे लोग मौजूद हैं, जिनके निस्वार्थ कार्य यह भरोसा दिलाते हैं कि इंसानियत अब भी जिंदा है। सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे कई वीडियो सामने आते हैं, जिनमें लोग दूसरों की मदद के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं। इन दिनों भी ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। वीडियो में दिखाई देने वाले एंबुलेंस कर्मचारी की बहादुरी और मानवता की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर इस वीडियो में ऐसा क्या है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
मासूम की जान बचाने के लिए खुद को खतरे में डालावायरल वीडियो पहाड़ी इलाके का बताया जा रहा है, जहां लगातार चट्टानों और पत्थरों के गिरने का खतरा बना हुआ था। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है और लोगों को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं होती। लेकिन वीडियो में एक शख्स अपनी जान की परवाह किए बिना एक सात महीने की बच्ची को गोद में उठाकर तेजी से खतरनाक रास्ता पार करता हुआ दिखाई देता है।
कुछ दूरी पर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचते ही वह बच्ची को सुरक्षित अंदर लिटा देता है। इसके कुछ ही क्षण बाद बच्ची के माता-पिता भी वहां पहुंच जाते हैं और फिर एंबुलेंस तुरंत इलाज के लिए रवाना हो जाती है। पूरी घटना ने वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स को भी भावुक कर दिया।
चंबा का बताया जा रहा है मामलायह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @iNikhilsaini नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। पोस्ट के साथ दी गई जानकारी में बताया गया कि यह घटना हिमाचल प्रदेश के चंबा की है। कैप्शन में लिखा गया, ये हर तरह की तारीफ और वाहवाही के हकदार हैं। चंबा में एंबुलेंस के एक कर्मचारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर पत्थर गिरने वाले बेहद खतरनाक रास्ते से सात महीने के बच्चे को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने एंबुलेंस कर्मचारी की बहादुरी को सलाम किया और इसे इंसानियत की मिसाल बताया।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफइस वायरल वीडियो पर यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, यही असली हीरो हैं, जो एक मासूम की जान बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं। दूसरे यूजर ने कहा, ऐसे बहादुर लोगों को दिल से सलाम। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, हर हीरो के पास केप नहीं होती, कुछ लोग अपने कर्मों से ही नायक बन जाते हैं।
वहीं एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, पहाड़ों में रहने वाले लोग हर दिन जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हैं। ऐसे हालात में भी दूसरों की मदद करना सचमुच काबिल-ए-तारीफ है। एक और यूजर ने एंबुलेंस कर्मचारी को सच्चा नायक बताते हुए लिखा कि ऐसे लोगों की वजह से आज भी इंसानियत पर भरोसा कायम है।