टेलीकॉम रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक अहम निर्देश जारी किया है। नियामक ने टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वे अपने सस्ते वॉइस और SMS वाले रिचार्ज प्लान को वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर इस तरह प्रदर्शित करें कि ग्राहक उन्हें आसानी से देख और चुन सकें। यह निर्देश Airtel, Jio, Vodafone-Idea और BSNL समेत टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए है।
ट्राई के मुताबिक, ग्राहकों को किफायती रिचार्ज विकल्प तलाशने के लिए अलग-अलग प्लान के बीच भटकना न पड़े, इसलिए इन विशेष प्लान को प्रमुखता से दिखाना जरूरी है। नियामक ने कंपनियों को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और चुनिंदा बिक्री केंद्रों पर जरूरी रिचार्ज प्लान और स्पेशल टैरिफ वाउचर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है।
'TRAI-Mandated Packs' नाम से अलग सेक्शनट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को वेबसाइट और ऐप पर 'TRAI-Mandated Packs' के नाम से एक अलग और आसानी से दिखाई देने वाला टैब या सेक्शन बनाने को कहा है। इस सेक्शन में उन रिचार्ज प्लान को रखा जाना है, जिन्हें नियामक के निर्देशों के तहत ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि जब कोई ग्राहक रिचार्ज के लिए वेबसाइट या ऐप खोले तो उसे केवल महंगे या डेटा वाले विकल्प ही दिखाई न दें। किफायती वॉइस और SMS प्लान भी स्पष्ट रूप से सामने मौजूद रहें, ताकि ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार उनका चुनाव कर सके।
ट्राई का यह निर्देश ग्राहकों की ओर से मिली शिकायतों के बाद आया है। नियामक ने पाया कि जरूरी प्लान उपलब्ध होने के बावजूद उनके बारे में ग्राहकों को पर्याप्त रूप से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनियों को इन प्लान की दृश्यता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
एक महीने के भीतर करना होगा लागूट्राई ने 1 अक्टूबर को जारी निर्देश में टेलीकॉम कंपनियों को इसे लागू करने के लिए एक महीने का समय दिया है। यानी कंपनियों को 1 नवंबर तक अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और संबंधित बिक्री केंद्रों पर इन जरूरी रिचार्ज विकल्पों को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा।
इसके बाद ग्राहकों को कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्राई के निर्देशों के तहत उपलब्ध कराए गए सस्ते प्लान आसानी से दिखाई देने लगेंगे। इससे रिचार्ज करते समय वॉइस और SMS की जरूरत वाले ग्राहकों के लिए विकल्प तलाशना आसान हो सकता है।
सिर्फ वॉइस और SMS वाले प्लान भी जरूरीट्राई ने पिछले महीने टेलीकॉम कंपनियों के लिए ऐसे विशेष टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, जिनमें डेटा शामिल नहीं होगा। इन प्लान में मुख्य रूप से वॉइस कॉल और SMS की सुविधा दी जानी है।
नियामक के निर्देश के अनुसार, कंपनियों को 30 दिन या उससे कम वैधता वाला कम से कम एक स्पेशल टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराना होगा, जिसमें केवल वॉइस और SMS सेवाएं हों। इसके अलावा 30 दिन से अधिक वैधता वाला कम से कम एक वॉइस और SMS ओनली प्लान भी ग्राहकों के लिए रखना होगा।
इसका मतलब है कि जिन ग्राहकों को मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है, उनके लिए केवल कॉल और संदेश की सुविधा वाले अलग विकल्प उपलब्ध रहेंगे। ऐसे ग्राहकों को डेटा वाली योजना के लिए अतिरिक्त भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।
डेटा वाले प्लान से सस्ती रखनी होगी कीमतट्राई ने केवल वॉइस और SMS वाले प्लान उपलब्ध कराने तक ही निर्देश सीमित नहीं रखा है। नियामक ने इन योजनाओं की कीमत में उचित कटौती करने की भी बात कही है, ताकि ये डेटा वाले प्लान की तुलना में किफायती रहें।
ट्राई-मेंडेट इन प्लान को अब कंपनियों की वेबसाइट और ऐप पर प्रमुखता से दिखाने के निर्देश से ग्राहकों के लिए इनकी जानकारी हासिल करना भी आसान होगा। नियामक का जोर इस बात पर है कि ग्राहक के सामने उपलब्ध किफायती विकल्प छिपे न रहें और वह अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज चुन सके।
इस तरह नए निर्देश का असर दो स्तरों पर दिखाई देगा—एक तरफ वॉइस और SMS की जरूरत वाले ग्राहकों के लिए बिना डेटा वाले सस्ते विकल्प उपलब्ध होंगे, वहीं दूसरी तरफ इन प्लान को कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट जगह मिलने से उनकी जानकारी ग्राहकों तक सीधे पहुंच सकेगी।