1600 और 140 सीरीज वाले नंबरों पर TRAI का स्पष्टीकरण, जानिए किन कॉल्स को ब्लॉक किया जा सकता है और किन्हें नहीं

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 1600 और 140 सीरीज से शुरू होने वाले फोन नंबरों को लेकर अपनी स्थिति एक बार फिर स्पष्ट कर दी है। हाल ही में ट्राई ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से कॉल आइडेंटिफिकेशन और कॉल मैनेजमेंट ऐप्स जैसे Truecaller, Hiya और Whoscall के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नियामक का आरोप था कि ये प्लेटफॉर्म 1600 और 140 सीरीज के वैध नंबरों को अपने सिस्टम पर फिल्टर या स्पैम के रूप में दिखा रहे हैं, जबकि ऐसा करना नियमों के अनुरूप नहीं है। अब इस मामले में सरकार से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ट्राई ऐसे ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, जो इन अधिकृत नंबरों को गलत तरीके से ब्लॉक या स्पैम के रूप में टैग करेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्राई की इस पहल पर Truecaller के सीईओ रिशित झुनझुनवाला ने सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि TRAI के पहले जारी किए गए निर्देशों में ही टेक कंपनियों को 140 और 1600 सीरीज के नंबरों को टैग करने से रोका गया था, क्योंकि ये नंबर पहले से ही टेलीमार्केटिंग और ट्रांजैक्शन संबंधी सेवाओं के लिए निर्धारित हैं। इसके बाद अब TRAI ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए 2025 में लागू किए गए अपने आदेश के उद्देश्य और उसके पीछे की नियामकीय सोच को भी सार्वजनिक किया है।

1600 सीरीज के नंबरों को लेकर TRAI ने क्या कहा?


TRAI ने अपने ताजा बयान में साफ किया है कि 1600 सीरीज के नंबर केवल उन संस्थानों के लिए आरक्षित हैं, जो बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) सेक्टर से जुड़े हैं तथा जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) या बीमा नियामक IRDAI जैसी अधिकृत संस्थाओं से मंजूरी प्राप्त है। इन नंबरों का उपयोग नागरिकों तक महत्वपूर्ण और आधिकारिक सूचनाएं पहुंचाने के लिए किया जाता है।
नियामक ने स्पष्ट किया है कि इस नंबर सीरीज को सरकार द्वारा अधिकृत संचार के लिए सुरक्षित रखा गया है। ऐसे में कोई भी कॉल मैनेजमेंट ऐप, थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म या सेवा प्रदाता TCCCPR (Telecom Commercial Communications Customer Preference Regulations) के तहत 1600 से शुरू होने वाले नंबरों को स्पैम, फ्रॉड या ब्लॉक की श्रेणी में नहीं रख सकता।

140 सीरीज वाले नंबरों के लिए क्या हैं नियम?

TRAI ने यह भी स्पष्ट किया कि 140 सीरीज के नंबर विशेष रूप से टेलीमार्केटिंग और प्रमोशनल कॉल्स के लिए निर्धारित किए गए हैं। किसी भी कंपनी या टेलीमार्केटर को इस सीरीज का नंबर तभी आवंटित किया जाता है, जब वह संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर के साथ TCCCPR के तहत विधिवत पंजीकरण कराता है। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद ही उसे 140 से शुरू होने वाला अधिकृत नंबर जारी किया जाता है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों तक पहुंचने वाली प्रमोशनल कॉल्स अधिकृत स्रोतों से ही आएं और अनधिकृत व्यावसायिक कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

किन नंबरों को ब्लॉक किया जाएगा और किन्हें नहीं?

TRAI ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि 140 और 1600 सीरीज के अलावा किसी अन्य सामान्य मोबाइल या लैंडलाइन नंबर से प्रमोशनल कॉल्स की जाती हैं, तो उन्हें नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसी कॉल्स को स्पैम श्रेणी में रखकर ब्लॉक किया जा सकता है।

वहीं 1600 सीरीज से आने वाली कॉल्स को किसी भी स्थिति में ब्लॉक या स्पैम टैग नहीं किया जा सकता। हालांकि 140 सीरीज के नंबरों से आने वाली प्रमोशनल कॉल्स पर अलग नियम लागू होंगे। यदि कोई उपभोक्ता DND (Do Not Disturb) सेवा सक्रिय करता है, तो वह अपनी पसंद के अनुसार 140 सीरीज से आने वाली प्रचार संबंधी कॉल्स को बंद कर सकता है।

TRAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने DND सेवा के जरिए सभी प्रकार की प्रमोशनल कॉल्स को ब्लॉक करने का विकल्प चुना है, उन्हें 140 सीरीज के नंबरों से भी कॉल प्राप्त नहीं होगी। लेकिन 1600 सीरीज के अधिकृत बैंकिंग, वित्तीय और बीमा संबंधी नंबरों को न तो किसी ऐप द्वारा स्पैम घोषित किया जा सकता है और न ही उन्हें फिल्टर या ब्लॉक किया जा सकता है। नियामक के अनुसार केवल 140 सीरीज से आने वाली प्रमोशनल कॉल्स को ही TRAI के DND सिस्टम के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है, जबकि 1600 सीरीज हमेशा अधिकृत और सुरक्षित संचार के दायरे में रहेगी।