रातभर फोन चार्जिंग पर लगाकर सोना पड़ सकता है भारी, बैटरी खराब होने से लेकर आग लगने तक का खतरा

आज के समय में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग लगातार फोन का इस्तेमाल करते हैं। कई बार देर रात तक वीडियो देखने, सोशल मीडिया चलाने और गेम खेलने के कारण फोन की बैटरी काफी कम हो जाती है। ऐसे में ज्यादातर लोग सोने से पहले मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देते हैं, ताकि सुबह उठते ही उन्हें पूरी तरह चार्ज फोन मिल सके। हालांकि, रातभर फोन को चार्जिंग पर छोड़ने की यह आदत हमेशा सुरक्षित नहीं होती। खासकर तब, जब फोन को बिस्तर, तकिए या कंबल के नीचे रखकर चार्ज किया जा रहा हो। चार्जिंग के दौरान पैदा होने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और फोन के अधिक गर्म होने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ परिस्थितियों में बैटरी खराब होने, फूलने और आग लगने जैसी घटनाएं भी हो सकती हैं।

100% चार्ज होने के बाद भी फोन क्यों लेता है बिजली?

कई लोगों का मानना है कि नए स्मार्टफोन में ऑटो कट-ऑफ फीचर होता है। जैसे ही बैटरी 100 प्रतिशत चार्ज होती है, फोन अपने आप चार्जिंग रोक देता है। इसलिए पूरी रात चार्जर लगा रहने से कोई परेशानी नहीं होती। लेकिन इस फीचर के बावजूद फोन को लगातार चार्जर से जोड़कर रखना जरूरी नहीं है। फोन चालू रहने पर बैकग्राउंड में ऐप्स, Wi-Fi और नोटिफिकेशन जैसी गतिविधियां जारी रहती हैं। इनके कारण बैटरी की खपत होती रहती है। बैटरी का चार्ज थोड़ा कम होने पर फोन दोबारा चार्जिंग शुरू कर सकता है। चार्जिंग और बैटरी के इस्तेमाल का यह सिलसिला रातभर कई बार दोहराया जा सकता है। इसे ट्रिकल चार्जिंग कहा जाता है। लंबे समय तक इस तरह चार्जर से जुड़े रहने पर बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इससे समय के साथ बैटरी की क्षमता प्रभावित होने और फोन के गर्म होने की समस्या सामने आ सकती है।

तकिए और कंबल के नीचे फोन रखना क्यों है खतरनाक?

रात में मोबाइल चार्ज करते समय कई लोग उसे अपने सिरहाने, गद्दे पर या तकिए के नीचे रख देते हैं। कुछ लोग चार्जिंग के दौरान फोन को कंबल से भी ढक देते हैं। यही आदत जोखिम बढ़ा सकती है। दरअसल, चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन और बैटरी से कुछ गर्मी निकलती है। सामान्य स्थिति में यह गर्मी आसपास की हवा में फैल जाती है। लेकिन जब फोन गद्दे, तकिए या कंबल से ढका होता है तो गर्मी बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। इससे फोन का तापमान बढ़ सकता है। अगर इसी दौरान बैटरी या चार्जिंग सिस्टम में कोई खराबी भी मौजूद हो तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। अधिक गर्मी के कारण बैटरी में थर्मल रनवे जैसी प्रक्रिया शुरू होने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और आग लगने या बैटरी फटने जैसी दुर्घटना हो सकती है।

क्या वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से भी हो सकता है नुकसान?

बिजली की सप्लाई में अचानक बदलाव भी चार्जिंग से जुड़े जोखिमों में शामिल हो सकता है। खासकर खराब या क्षतिग्रस्त चार्जर, केबल अथवा बैटरी के साथ ऐसी स्थिति अधिक चिंताजनक हो सकती है। अगर बैटरी पहले से खराब है और फोन लगातार गर्म हो रहा है, तो उसे रातभर चार्जिंग पर छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है। ओवरहीटिंग और इलेक्ट्रिकल खराबी की स्थिति में शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या पैदा हो सकती है। गंभीर मामलों में बैटरी का तापमान अनियंत्रित तरीके से बढ़ने पर आग लगने का खतरा भी रहता है। इसलिए फोन को चार्ज करते समय उसकी स्थिति और आसपास के वातावरण का ध्यान रखना जरूरी है।
फोन की बैटरी सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

स्मार्टफोन की बैटरी की उम्र और चार्जिंग सुरक्षा बनाए रखने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।

1. सोने से पहले चार्जिंग पूरी करने की कोशिश करें


रातभर फोन को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ने के बजाय सोने से पहले ही बैटरी चार्ज कर लें। अगर रात में चार्ज करना जरूरी हो तो फोन को बिस्तर और तकिए से दूर किसी खुली, समतल जगह पर रखें।

2. फोन को कंबल या तकिए के नीचे न रखें

चार्जिंग के दौरान फोन को ऐसी जगह रखें जहां उसकी गर्मी आसानी से बाहर निकल सके। गद्दे, तकिए और कंबल के नीचे रखकर फोन चार्ज करने से बचें।

3. चार्जिंग के समय फोन का कवर हटा दें

फोन चार्ज करते समय कवर हटाने की सलाह दी जाती है, खासकर अगर डिवाइस गर्म हो रहा हो। इससे फोन के आसपास हवा का प्रवाह बना रह सकता है और गर्मी निकलने में मदद मिलती है।

4. बैटरी चार्जिंग का स्तर नियंत्रित रखें

बैटरी की सेहत बनाए रखने के लिए इसे पूरी तरह खत्म होने से बचाना चाहिए। सामान्य तौर पर 20 प्रतिशत के आसपास बैटरी पहुंचने पर चार्जिंग शुरू करना और 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने पर चार्जर हटाना एक उपयोगी आदत हो सकती है।

5. अच्छी गुणवत्ता वाले चार्जर का इस्तेमाल करें

फोन के साथ मिलने वाले या निर्माता की ओर से प्रमाणित चार्जर और केबल का इस्तेमाल करें। खराब या क्षतिग्रस्त चार्जिंग केबल और एडॉप्टर से बचें।

फोन गर्म होने या बैटरी फूलने पर न करें नजरअंदाज

अगर चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन असामान्य रूप से गर्म हो रहा है, बैटरी फूल रही है या फोन के पिछले हिस्से में उभार दिखाई दे रहा है तो इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में चार्जिंग बंद करें और डिवाइस की जांच अधिकृत सर्विस सेंटर से करवाएं। स्मार्टफोन की बैटरी से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए केवल सुबह 100 प्रतिशत बैटरी पाने के लिए पूरी रात फोन को चार्जिंग पर छोड़ने की आदत से बचना बेहतर है। फोन को सही जगह पर चार्ज करना और उसकी बैटरी की स्थिति पर ध्यान देना आपकी सुरक्षा के साथ डिवाइस की उम्र के लिए भी जरूरी है।