तृणमूल कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव का बड़ा फैसला सामने आया है। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने लोकसभा में चीफ व्हिप के पद से वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को हटा दिया है और उनके स्थान पर डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, शताब्दी रॉय को पार्टी का उपनेता नियुक्त किया गया है। यह फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया।
आधिकारिक घोषणा और नई नियुक्तियाँटीएमसी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए जानकारी दी, कल्याण बनर्जी ने 4 अगस्त 2025 को लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के चीफ व्हिप पद से इस्तीफा दिया था, जिसे पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया है। पार्टी उनकी अब तक की सेवाओं के लिए आभार प्रकट करती है।
इसके साथ ही पार्टी ने ऐलान किया, वरिष्ठ सांसदों से विमर्श के उपरांत ममता बनर्जी ने डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में पार्टी का नया मुख्य सचेतक और शताब्दी रॉय को उपनेता नियुक्त किया है। हम दोनों को उनकी नई भूमिकाओं के लिए शुभकामनाएं देते हैं। आशा है वे बंगाल की प्रतिष्ठा और अधिकारों की रक्षा में अपना भरपूर योगदान देंगी।
इस्तीफे के बाद कल्याण बनर्जी का तीखा बयानइस घटनाक्रम के बाद कल्याण बनर्जी ने तीखा बयान देकर संगठन के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें उन कमियों का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है जिनका वह हिस्सा ही नहीं हैं।
कल्याण बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैंने अपना पद इसलिए छोड़ा क्योंकि दीदी ने एक डिजिटल मीटिंग में कहा कि सांसदों में समन्वय की कमी है और इसके लिए मैं दोषी हूं। जब मेरे ऊपर इस तरह का दोष मढ़ा गया, तो मैंने पद छोड़ना ही बेहतर समझा।”
महुआ मोइत्रा पर अप्रत्यक्ष हमला, संगठन से नाराजगीबनर्जी यहीं नहीं रुके। उन्होंने संगठन पर सवाल उठाते हुए कहा, “दीदी कहती हैं कि सांसद आपस में लड़ते हैं। क्या मुझे अपमान सहना चाहिए जब कुछ लोग मुझे गाली देते हैं? मैंने इसकी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई तो दूर, मुझे ही जिम्मेदार ठहरा दिया गया।”
यह बयान उनके और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के बीच चल रही तल्खी को सीधे तौर पर इंगित करता है। दोनों के बीच काफी समय से जुबानी जंग चल रही है, जिसने पार्टी नेतृत्व की भी चिंता बढ़ा दी है।
सुलह की कोशिश: अभिषेक बनर्जी करेंगे बैठकपार्टी में बढ़ती असहमति और सार्वजनिक मतभेदों को थामने के लिए अब अभिषेक बनर्जी ने मोर्चा संभाला है। 7 अगस्त को वे कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा से मुलाकात कर इस विवाद को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
टीएमसी के लिए यह घटनाक्रम ऐसे वक्त आया है जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और पार्टी अपने सांगठनिक ढांचे को मज़बूती देने की कोशिश में जुटी है। देखना होगा कि यह सुलह की पहल अंततः संगठन को एकजुट कर पाएगी या नहीं।