नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी उम्मीदवार हासिरानी रथ को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस कृष्णा राव की अदालत ने हासिरानी रथ के चुनावी हलफनामे को चुनौती देने वाली कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी। कांग्रेस ने हलफनामे में जन्म वर्ष और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जानकारी में विसंगति का आरोप लगाते हुए उनकी उम्मीदवारी और नामांकन रद्द करने की मांग की थी।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में हासिरानी रथ की उम्मीदवारी बरकरार रहेगी। वहीं, कांग्रेस की ओर से दाखिल याचिका खारिज होने से पार्टी को अदालत से राहत नहीं मिली।
हलफनामे में जानकारी को लेकर कांग्रेस ने उठाए थे सवालनंदीग्राम उपचुनाव के लिए बीजेपी ने हासिरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने उनके चुनावी हलफनामे में दर्ज कुछ जानकारियों को चुनौती दी थी। याचिका में खास तौर पर जन्म वर्ष और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी में कथित विसंगतियों का मुद्दा उठाया गया था।
कांग्रेस की मांग थी कि इन जानकारियों के आधार पर हासिरानी रथ का नामांकन रद्द किया जाए। इसी याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। अदालत के फैसले से हासिरानी रथ के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ बना हुआ है।
चंद्रनाथ रथ की मां हैं हासिरानी रथहासिरानी रथ का नाम नंदीग्राम की राजनीति में एक अन्य वजह से भी चर्चा में रहा है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
चंद्रनाथ रथ को पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का करीबी बताया गया था और वह उनके निजी सचिव के तौर पर काम करते थे। उनकी हत्या का मामला उस समय राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना था।
शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद हो रहा उपचुनावनंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की वजह भी शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी है। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और रेजिनगर, दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों जगह जीत दर्ज की थी। एक उम्मीदवार के तौर पर दोनों सीटें जीतने के बाद उन्हें नियम के मुताबिक एक सीट छोड़नी थी।
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट छोड़ दी। इसके बाद यह सीट खाली हुई और अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजेनंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में मतदान से पहले बीजेपी उम्मीदवार हासिरानी रथ की उम्मीदवारी को लेकर दायर कांग्रेस की याचिका पर हाई कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी हाई कोर्ट से राहतइसी नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने मिलन प्रधान को तीन सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया है। उन्हें 21 अक्टूबर तक अंतरिम राहत मिली है और अदालत ने उनकी रिहाई का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। इस राहत के बाद वह नंदीग्राम उपचुनाव की चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
इस तरह नंदीग्राम उपचुनाव से पहले एक ओर बीजेपी उम्मीदवार हासिरानी रथ की उम्मीदवारी रद्द करने की कांग्रेस की याचिका खारिज हुई है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को भी हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत के रूप में राहत मिली है। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।