बंगाल में सनसनी: पूर्व माकपा नेता के पुराने घर में खुदाई के दौरान मिले मानव कंकाल, पानी की टंकी से भी मिली सड़ी लाश—क्षेत्र में दहशत, पुलिस चौकन्नी

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर क्षेत्र में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक नए मकान के निर्माण के लिए हो रही खुदाई के दौरान ज़मीन के भीतर से मानव कंकालों का समूह बाहर आया। घटना तब सामने आई जब मजदूर नींव खोद रहे थे और अचानक उन्हें दो खोपड़ियां दिखाई दीं। जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ी, और भी हड्डियों के ढांचे बरामद होते चले गए। मौके पर ही पुलिस ने इलाका सील कर दिया और जांच शुरू कर दी।

प्राथमिक निरीक्षण में पुलिस अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि मिले हुए कंकाल काफ़ी पुराने हो सकते हैं, लेकिन उनकी वास्तविक उम्र का पता फोरेंसिक जांच के बाद ही लग पाएगा। सभी अवशेषों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है ताकि पता लगाया जा सके कि ये अवशेष कितने समय से ज़मीन में दबे थे और इनकी पहचान क्या हो सकती है।

स्थानीय निवासी आशीष मुखर्जी ने बताया कि जिस भूमि से कंकाल मिले हैं, वह उनके परिजनों की पुश्तैनी जमीन है। उनके अनुसार, इसी स्थान पर उनके चाचा बिजन मुखर्जी का पुराना घर हुआ करता था। मुखर्जी परिवार का दावा है कि वे आज़ादी से पहले से ही इस इलाके में रह रहे हैं और यह घर वर्षों तक उनके पूर्वजों का निवास रहा है।

आशीष की पत्नी मौसमी ने बताया कि 2013 में उनके चाचा ससुर और चाची सास के निधन के बाद घर लगभग बंद पड़ा था। कभी-कभार उनकी बेटियां यहां आती थीं, लेकिन घर में कोई स्थायी रूप से नहीं रहता था। हाल ही में जमीन के बंटवारे के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ, तभी यह चौंकाने वाली खोज हुई।

उधर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज़ हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के अशोकनगर विधायक नारायण गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कल्याणगढ़ वार्ड नंबर सात में पूर्व माकपा नेता बिजन मुखर्जी के पुराने मकान के शयनकक्ष के फर्श के नीचे से कंकाल बरामद हुए हैं। गोस्वामी ने दावा किया कि बिजन मुखर्जी कभी अशोकनगर और हावड़ा क्षेत्रों में दहशत का पर्याय माने जाते थे और 80 के दशक में उनकी खासी पकड़ थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह पहला मामला नहीं है। तृणमूल नेता के मुताबिक, साल 2002 में इलाके की पानी की एक टंकी से भी एक सड़ी-गली लाश मिली थी, जो संभवतः उस दौर में गायब हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में से किसी की हो सकती है। उनका कहना है कि यह घटनाएं माकपा के इतिहास के काले अध्यायों को उजागर करती हैं, जो अब वर्षों बाद सामने आ रहे हैं।

फिलहाल इलाके में पुलिस तैनात है, स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और जांच एजेंसियां इस रहस्यमयी मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।