मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने 30 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए करने का आग्रह किया। पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का हवाला देते हुए अपनी मांग रखी।
इस मांग के सामने आने के बाद बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बंगाल, मुर्शिदाबाद, बहरामपुर और देश के अन्य हिस्सों में लोग अपने मतदान के अधिकार को लेकर आवाज उठा रहे हैं। ऐसे समय में वह किसी पुरस्कार की सिफारिश क्यों करेंगे, यह सवाल उन्होंने उठाया। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार को वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में दर्ज किया गया है।
यूसुफ पठान ने अपने नाम से किसी ऐसे पत्र के लिखे जाने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके नाम से कोई सिफारिश या पत्र सामने आ रहा है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका कहना है कि उनके नाम पर इस तरह की बातें करने वालों को इसका प्रमाण सामने रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो इसे फर्जी पत्र और उनके नाम के गलत इस्तेमाल के तौर पर देखा जाना चाहिए।
NCPI ने प्रधानमंत्री से क्या मांग की?NCPI अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे पत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की। पार्टी ने इसके लिए हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदान से जुड़े अपने आकलन को आधार बनाया।
पत्र में चटर्जी ने चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया की सराहना की और कहा कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ। NCPI ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भारत रत्न के लिए की जाए।
यूसुफ पठान ने क्या कहा?यूसुफ पठान ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जब लोग अपने मताधिकार को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तब वह किसी सम्मान के लिए सिफारिश करने की बात कैसे कर सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर अपने नाम से सामने आ रहे पत्र पर सवाल उठाया और उसकी प्रति सार्वजनिक करने की मांग की।
उनका कहना था कि यदि वास्तव में उनके नाम से ऐसा कोई पत्र जारी हुआ है तो उसका प्रमाण सामने रखा जाए। पठान ने अपने नाम से इस तरह की सिफारिश किए जाने से इनकार करते हुए कहा कि बिना प्रमाण उनके नाम का इस्तेमाल कर कहानी नहीं बनाई जानी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार कौन हैं?भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। वह 1988 बैच के केरल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं।
फिलहाल भारत रत्न की मांग को लेकर विवाद का केंद्र NCPI की ओर से प्रधानमंत्री को भेजा गया पत्र और उस पर यूसुफ पठान की प्रतिक्रिया है। NCPI ने जहां ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने आकलन को सम्मान की मांग का आधार बनाया है, वहीं पठान ने अपने नाम से किसी ऐसी सिफारिश से इनकार करते हुए पत्र की प्रति सार्वजनिक करने को कहा है।