ED ने बंगाल पुलिस और प्रशासन पर सबूत छीनने का लगाया आरोप, कोलकाता में हाईवोल्टेज ड्रामा जारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कोयला तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ एक व्यापक कार्रवाई के तहत बंगाल और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कदम धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उठाया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि यह सिंडिकेट अनूप माजी के नेतृत्व में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के पट्टा क्षेत्रों से अवैध कोयला निकालने और चोरी करने में संलिप्त था।

तलाशी अभियान के दौरान विवाद

ईडी ने बताया कि तलाशी शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई, लेकिन कुछ परिसरों में बंगाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के आगमन के बाद स्थिति बदल गई। एजेंसी का आरोप है कि दो परिसरों में अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और भौतिक दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जबरन हटा दिए।

राजनीतिक संलिप्तता से इनकार

एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल सबूतों और जांच के आधार पर की गई है। किसी भी राजनीतिक दल या संगठन को निशाना बनाने का कोई उद्देश्य नहीं था। विभाग ने यह भी बताया कि इस दौरान किसी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई।

कानूनी प्रक्रिया और चुनाव से संबंध

ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई किसी आगामी या वर्तमान चुनाव से जुड़ी नहीं है। यह नियमित मनी लांड्रिंग जांच का हिस्सा है और पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों और सुरक्षा उपायों के तहत संचालित की जा रही है।

बंगाल भाजपा का समर्थन

बंगाल भाजपा ने राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास और कार्यालय पर छापेमारी को कानूनी और संवैधानिक बताया। पार्टी के अनुसार यह कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्य आधारित है और इसका उद्देश्य अवैध कोयला तस्करी और मनी लांड्रिंग मामलों में कानूनी कार्रवाई करना है, न कि किसी राजनीतिक दल को निशाना बनाना।

ममता बनर्जी का विरोध और आरोप

मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी अधिकारियों ने पार्टी की हार्ड डिस्क, आंतरिक दस्तावेज़ और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने की कोशिश की। ममता ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक बताया।

ममता बनर्जी आई-पैक कार्यालय गईं और पत्रकारों से कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार बंगाल को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना बना रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले SIR के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए और अब इस छापेमारी के माध्यम से तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की योजना है।

ईडी कार्रवाई पर ममता का आरोप

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान पार्टी की रणनीतियों और उम्मीदवारों की गोपनीय सूचियों को जब्त करने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुँचाने का षड्यंत्र बताया। ममता ने ईडी को राजनीतिक दबाव में काम करने वाला बताते हुए इसे अलोकतांत्रिक करार दिया। ज्ञात हो कि आई-पैक तृणमूल कांग्रेस के चुनावी प्रबंधन और आईटी सेल की जिम्मेदारी भी संभालती है।

अमित शाह पर तीखा हमला

ममता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और पूछा कि क्या राजनीतिक दलों के गोपनीय दस्तावेज़ और रणनीतियां इकट्ठा करना ईडी का काम है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई डराने-धमकाने की राजनीति है और कानून का पालन नहीं। ममता ने कहा कि गृह मंत्री रक्षक की भूमिका निभाने के बजाय दमनकारी तरीके से व्यवहार कर रहे हैं।