किसानों को फसल नुकसान की भरपाई, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी; योगी सरकार की नई घोषणाएं

उत्तर प्रदेश में किसानों और महिलाओं के लिए योगी सरकार जल्द ही दो अलग-अलग विशेष पैकेज लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 3 नवंबर को लखनऊ में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कारणों से फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत पैकेज तैयार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के करीब तीन करोड़ किसान परिवारों को लाभ मिल सकता है। वहीं, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी सरकार विशेष पैकेज लाएगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को सस्ता और सम्मानजनक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश की प्रमुख मंडियों और श्रमिक अड्डों पर ‘अन्नपूर्णा भोजनालय’ शुरू करने की बात भी कही। ये घोषणाएं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी देने के कार्यक्रम के दौरान की गईं।

फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए बनेगा राहत पैकेज

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण किसानों को लगातार फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और असमय चक्रवाती गतिविधियों के चलते कहीं अत्यधिक बारिश, कहीं सूखे और कहीं ओलावृष्टि जैसी चुनौतियां सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में दो बार भारी बारिश, आंधी और तूफान के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा सरकार एक अलग राहत पैकेज भी लाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना से प्रदेश के लगभग तीन करोड़ किसान परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।

हालांकि, अभी इस पैकेज की कुल धनराशि, पात्रता की शर्तें और किसानों को मिलने वाली सहायता का स्वरूप सार्वजनिक नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल्द लाने की बात कही है। इससे पहले 1 नवंबर को गोरखपुर में भी उन्होंने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को नई राहत योजना के जरिए सहायता देने का आश्वासन दिया था। उस दौरान प्रभावित जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी दी गई थी।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आएगा विशेष पैकेज


मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को लेकर भी नई योजना लाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के साथ-साथ उनके सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए भी काम कर रही है। प्रस्तावित पैकेज का उद्देश्य महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सक्षम बनाना है। योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं से कहा कि वे पहले से यह तय करें कि उन्हें किस तरह का काम शुरू करना है। सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों में साथ देगी। हालांकि, इस योजना में किस तरह की आर्थिक मदद मिलेगी, किन महिलाओं को इसका लाभ दिया जाएगा और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी और बीसी सखी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके जरिए महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में महिलाएं अब उद्योगों में नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। सरकार का जोर महिलाओं को सुरक्षा के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर है।

मंडियों और श्रमिक अड्डों पर खुलेंगे अन्नपूर्णा भोजनालय

किसानों और श्रमिकों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रमुख कृषि मंडियों और निर्माण श्रमिकों के लिए विकसित किए जा रहे श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वे टोकन मनी देकर सम्मान के साथ दो रोटी और भरपेट खाना खा सकेंगे। इसी तरह निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए बनाए जा रहे श्रमिक अड्डों पर भी इन भोजनालयों के माध्यम से सस्ते भोजन की व्यवस्था होगी। हालांकि, भोजन की कीमत, भोजनालय शुरू होने की तारीख और पहले चरण में शामिल की जाने वाली मंडियों की सूची अभी घोषित नहीं की गई है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ जीवन जीने का अवसर मिले। उनका कहना था कि विकास और खुशहाली की व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।

उज्ज्वला योजना के 1.89 करोड़ परिवारों को मिली सब्सिडी

मुख्यमंत्री मंगलवार को दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरित करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किए। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को दीपावली और होली पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर रिफिल देने की व्यवस्था वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जारी रखने का फैसला पहले ही कैबिनेट ने मंजूर किया था। इसके लिए राज्य सरकार ने 2,142.78 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च को स्वीकृति दी है। पहली रिफिल अक्टूबर से दिसंबर 2026 और दूसरी जनवरी से मार्च 2027 के बीच दी जानी है। योजना का लाभ उन उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगा जिनके बैंक खाते आधार से जुड़े हैं और आधार प्रमाणीकरण पूरा है।

खाद की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी करने या निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। धान खरीद को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनकी उपज की तौल पारदर्शी तरीके से और संवेदनशीलता के साथ की जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी

किसानों और महिलाओं के लिए पैकेज की घोषणा से एक दिन पहले प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला किया था। सरकार ने उनके मानदेय को डेढ़ गुना करने के साथ न्यूनतम मानदेय तय करने की घोषणा की थी। इस फैसले को भी कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के प्रयास के तौर पर पेश किया गया। सरकार के आदेश के मुताबिक, इस फैसले से करीब 2.72 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था में चार श्रेणियों के लिए मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है। श्रेणी एक के लिए 39,000 रुपये, श्रेणी दो के लिए 21,947 रुपये, श्रेणी तीन के लिए 19,446 रुपये और श्रेणी चार के लिए 17,646 रुपये मासिक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। श्रेणी दो, तीन और चार के कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद क्रमशः 19,148.76 रुपये, 16,999.64 रुपये और 15,396.14 रुपये मिलेंगे। नई दरें 2 सितंबर 2026 से लागू मानी गई हैं और सितंबर का बकाया भुगतान नवंबर में अक्टूबर के पारिश्रमिक के साथ किया जाना है।