उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी कि यदि उसने अपना रवैया नहीं बदला, तो वह अपना बचा हुआ राजनीतिक जनाधार भी खो सकती है। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का आह्वान किया है। योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने और अराजकता के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों के जरिए अव्यवस्था पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से जनता का भरोसा हासिल नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी के मार्च से पहले कांग्रेस पर साधा निशानाराहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस मुद्दे पर कई बार धरना-प्रदर्शन किए जाने के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का आह्वान किया गया है। इस मार्च में इंडिया गठबंधन के सभी दलों के शामिल होने की बात कही गई है। मार्च से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले कई दिनों से जारी प्रदर्शनों के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है और अव्यवस्था का माहौल बन रहा है। योगी ने कांग्रेस को गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण छोड़ने की नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को लोकतंत्र, देश की जनभावनाओं और चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आगाह किया कि यदि वह इसी तरह अराजकता का रास्ता अपनाती रही, तो उसके पास जो राजनीतिक जनाधार बचा है, वह भी खत्म हो सकता है।
41 साल से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है कांग्रेसगोरखनाथ मंदिर में मीडिया से बातचीत के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के राजनीतिक आचरण की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की जनता देख रही है कि कांग्रेस किस तरह की राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए सवाल उठाया कि जनता बार-बार पार्टी को क्यों नकार रही है। योगी ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 1985 के बाद से पार्टी राज्य की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। उनके मुताबिक, प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को 41 वर्ष पहले ही सत्ता से बाहर कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई अन्य राज्यों में जनता का कांग्रेस से मोहभंग हुआ है और पार्टी को वहां भी सत्ता से बाहर होना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने और यह समझने की अपील की कि जनता का समर्थन हासिल करने में पार्टी को लगातार मुश्किलों का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
चुनाव जीतने पर श्रेय, हारने पर ईवीएम और आयोग पर सवाल: योगीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव जीतने पर इसे अपनी उपलब्धि बताती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। योगी के मुताबिक, न्यायालय जब किसी मामले में मेरिट के आधार पर फैसला देता है, तब भी कांग्रेस की ओर से न्यायालय को कटघरे में खड़ा करने और उसे तरह-तरह की धमकियां देने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर अव्यवस्था पैदा करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए इन संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव पर भी उठाए सवालयोगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने नेतृत्व पर विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिस नेतृत्व ने भ्रष्टाचार के कारण जनता का विश्वास खो दिया है, उसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान करें। योगी ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक तरीकों और तथ्यों का सहारा लेना चाहिए।
जनता का भरोसा पाने के लिए अराजकता छोड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनता और युवा जागरूक हैं। उनके मुताबिक, जनता को गुमराह करके या लगातार अराजकता का माहौल बनाकर लंबे समय तक उसका विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस से अपना रवैया बदलने और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी बात मेरिट के आधार पर रखनी चाहिए और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप राजनीतिक गतिविधियां करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यह देश के लोकतंत्र और जनता, दोनों के हित में है। उन्होंने कांग्रेस को एक बार फिर चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने अराजकता का रास्ता नहीं छोड़ा, तो उसे अपने बचे हुए राजनीतिक जनाधार से भी हाथ धोना पड़ सकता है।