उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची सार्वजनिक कर दी गई है। इसके साथ ही अब राज्य निर्वाचन आयोग एक अहम कदम उठाने जा रहा है। आयोग प्रदेश के करीब 1 करोड़ 4 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो गया है कि कहीं आपका नाम भी इस सूची में तो शामिल नहीं है।
6 जनवरी से शुरू होगा नोटिस भेजने का चरणमुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी दी कि 6 जनवरी 2026 से नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। ये नोटिस उन मतदाताओं को भेजे जाएंगे, जिनकी एसआईआर के दौरान ‘मैपिंग’ नहीं हो सकी। निर्वाचन प्रक्रिया में ‘मैपिंग’ का मतलब उन मतदाताओं से है, जिनके गणना प्रपत्र (फॉर्म) एसआईआर के दौरान साइन होकर प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि यूपी में अब तक 91 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिसमें 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता शामिल हैं। वहीं लगभग 8 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई, और इनकी संख्या करीब 1 करोड़ 4 लाख है।
बूथों की संख्या बढ़ी, आंकड़े भी आए सामनेनवदीप रिणवा के अनुसार, राज्य में मतदाता सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 15,030 नए मतदान बूथ जोड़े गए हैं। अब प्रत्येक बूथ पर औसतन 1200 मतदाता रखे गए हैं। एसआईआर के दौरान 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा फॉर्म साइन होकर वापस आए।
इस प्रक्रिया में सामने आया कि 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि 2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित या छूटे हुए हैं। इसके अलावा 25.47 लाख मतदाता ऐसे मिले, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे।
UP SIR में कितने नाम सूची में नहीं लौटे?मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में वापस नहीं आए हैं। ऐसे मतदाताओं के लिए दावा और आपत्ति की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक तय की गई है। इन आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी तक कर लिया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी की जाएगी।
किसे भरना है फॉर्म और किसे नहीं?रिणवा ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल है, उन्हें फॉर्म-6 भरने की जरूरत नहीं है। वहीं जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें फॉर्म-6 के जरिए दावा करना होगा। स्थान परिवर्तन की स्थिति में फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि ECINET मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए मतदाता अपने मोबाइल फोन से ही अपना नाम मतदाता सूची में आसानी से चेक कर सकते हैं।
आयोग की प्रेस विज्ञप्ति में क्या कहा गया?एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में निर्वाचन आयोग ने कहा है कि जिन मतदाताओं से बीएलओ संपर्क नहीं कर पाए, या जिनके गणना प्रपत्र विभिन्न कारणों से वापस प्राप्त नहीं हुए—जैसे स्थायी रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरण, मतदान क्षेत्र में अनुपस्थित या लापता होना, अथवा 26 दिसंबर 2025 तक फॉर्म जमा न किया जाना—ऐसे सभी पात्र मतदाता दावा एवं आपत्ति अवधि (06.01.2026 से 06.02.2026) के दौरान आवश्यक दस्तावेजों और घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।