अवैध धर्मांतरण केस में झांगुर बाबा पर योगी सरकार का तगड़ा ऐक्शन, आलीशान कोठी पर चला बुलडोजर

उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ झांगुर बाबा की बलरामपुर जिले के मधपुर गांव में बनी आलीशान कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर गरज उठा। यह कोठी कथित रूप से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई थी और अवैध धर्मांतरण गतिविधियों का मुख्य अड्डा मानी जा रही थी।

सरकारी जमीन पर बनाई गई थी कोठी

प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार यह कोठी नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन के नाम दर्ज है, लेकिन निर्माण में झांगुर बाबा का पैसा लगा था। बताया गया कि नीतू, उसके पति और बेटी को झांगुर ने इस्लाम कबूल कराया और उनके नाम से यह संपत्ति बनाई। जिला प्रशासन द्वारा पहले ही नीतू को अतिक्रमण हटाने के तीन नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद मंगलवार को सुबह 10:30 बजे कोठी को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।

जमीन, फंडिंग और धर्मांतरण का पूरा नेटवर्क

झांगुर बाबा के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग पहुंचने की जानकारी एटीएस को मिली है, जो उसके द्वारा चलाए जा रहे धर्मांतरण रैकेट में इस्तेमाल हुई। गिरोह द्वारा मुंबई, लखनऊ और अन्य जगहों से सैकड़ों लोगों को प्रेमजाल और प्रलोभनों के जरिए इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया था। गोमतीनगर में झांगुर द्वारा धर्मांतरण कराए गए कुछ लोगों ने हाल ही में हिन्दू धर्म में पुनः वापसी की है।

बुलडोजर कार्रवाई कैसे हुई

मंगलवार सुबह उतरौला के एसडीएम राजेन्द्र बहादुर, तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति, एएसपी विशाल पाण्डेय और स्थानीय पुलिस बल के साथ मधपुर गांव पहुंचे। कोठी में रखे सामान को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद सूचीबद्ध किया गया और फिर भवन को गिरा दिया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई को पूरी तरह नियमानुसार बताया है।

ईडी जांच और आगे की रणनीति


इस मामले की गहराई को देखते हुए झांगुर बाबा की संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपी गई है। प्रशासन का मानना है कि गिरोह का नेटवर्क व्यापक है और अभी कई सहयोगी चेहरे सामने आ सकते हैं। एसटीएफ और एटीएस लगातार अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए कार्य कर रही है।

बीते चार दिनों में तेज़ी से बढ़ा केस

एटीएस ने चार दिन पहले लखनऊ से झांगुर बाबा और उसकी करीबी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आया कि बलरामपुर से शुरू होकर मुरादाबाद, औरैया, आजमगढ़ तक उसकी गतिविधियां फैली हुई थीं। फंडिंग, कनेक्शन और प्रभाव का दायरा देखकर जांच एजेंसियां भी चौंक गई हैं।

झांगुर बाबा पर हुई बुलडोजर कार्रवाई यह दर्शाती है कि योगी सरकार धर्मांतरण जैसे गंभीर मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। यह न केवल कानून व्यवस्था की सख्ती का उदाहरण है, बल्कि अवैध धार्मिक गतिविधियों और विदेशी फंडिंग से जुड़े नेटवर्क के विरुद्ध एक स्पष्ट संदेश भी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।