उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को अपना 70वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्होंने ब्राह्मण समाज को विशेष संदेश दिया और अपनी पार्टी की नीतियों और आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा दोहराई।
जनकल्याणकारी पहल और जन्मदिन का महत्वमायावती ने कहा कि बीएसपी द्वारा चलाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि उनके जन्मदिन को पूरे देश में जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया गया, ताकि जनता के दिल में पार्टी और उनकी नीतियों की सच्ची छवि बनी रहे।
ब्राह्मण समाज को संबोधित संदेशपूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी लगातार बीएसपी को पीछे रखने की कोशिश करती रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले महीने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ब्राह्मण समाज के विधायकों ने अपनी उपेक्षा को लेकर चिंता जताई थी। मायावती ने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को उचित हिस्सेदारी और सम्मान दिया है और इस बार भी यह सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, क्षत्रिय और अन्य समुदायों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके शासन में मंदिर, मस्जिद और चर्च जैसी धार्मिक संस्थाओं को किसी भी नुकसान से बचाया गया।
सपा शासन में उत्पीड़न और गुंडाराजमायावती ने सपा के शासनकाल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उस समय माफिया और गुंडों का ही राज चलता रहा। दलित वर्ग और अन्य पिछड़े समाज के लोग सबसे अधिक परेशान हुए। उन्होंने 2 जून को सपा के गुंडों और बदमाशों द्वारा उन पर किए गए हमले का उल्लेख किया और कहा कि मुस्लिम समाज भी सपा शासन में उपेक्षित रहा। मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकार के दौरान किसी भी दंगे-फसाद की स्थिति नहीं बनने दी गई।
वर्तमान बीजेपी सरकार पर निशानापूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसपी की सत्ता नहीं रहने के बाद विरोधी सरकारों में जो एक्सप्रेस वे और एयरपोर्ट बनाने की पहल हुई, वह उनकी सरकार के दौरान ही शुरू हुई थी। कई परियोजनाओं को केंद्र सरकार के विरोधी रवैये के कारण पूरी तरह आगे नहीं बढ़ाया जा सका। उन्होंने कहा कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्ग अभी भी वर्तमान बीजेपी सरकार में परेशान हैं।
गठबंधन पर मायावती का स्पष्ट स्टैंडमायावती ने कहा कि चुनाव में गठबंधन केवल तभी संभव होगा जब वह बीएसपी के हित में हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा और लोकसभा सहित सभी चुनाव बीएसपी अकेले ही लड़ेगी। गठबंधन के मामले में पार्टी को यह सुनिश्चित करना होगा कि अपर कास्ट और अल्पसंख्यक वोटों का लाभ बीएसपी को मिले। उन्होंने कहा कि ईवीएम में धांधली रोकने और वोटिंग सिस्टम में सुधार के लिए भी पार्टी सजग रहेगी।
भविष्य की रणनीति और वोट बैंक सुरक्षाबसपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में गठबंधन से बीएसपी को उचित लाभ और वोट बैंक सुरक्षा मिलती है, तो उसके बारे में विचार किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज हमेशा बीएसपी को समर्थन देता रहेगा।