नोएडा में दीपिका नागर की मौत के मामले के बाद अब उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एक और दर्दनाक और संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव बागड़पुर छोईया में मंगलवार (19 मई) की देर शाम एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया।
मृतका की पहचान 19 वर्षीय पुष्पेंद्री के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि पुष्पेंद्री की शादी इसी वर्ष 13 फरवरी को गजरौला थाना क्षेत्र के गांव खुमावली निवासी ओमपाल के साथ हुई थी। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार लगभग 10 लाख रुपये दहेज की मांग की जा रही थी और इसी कारण उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
मौत से पहले पिता को किया था आखिरी कॉलपरिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन शाम करीब 6:30 बजे पुष्पेंद्री ने अपने पिता को फोन किया था और रोते हुए कहा था—“पापा मुझे यहां से ले जाओ, ये लोग मुझे मार देंगे।” यह कॉल परिवार के लिए आखिरी बातचीत साबित हुई। कुछ ही समय बाद परिजनों को सूचना मिली कि पुष्पेंद्री का शव उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया है।
मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उनका दावा है कि पहले पुष्पेंद्री के साथ मारपीट की गई और फिर मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फांसी पर लटका दिया गया।
घटना के बाद ससुराल पक्ष फरार, गांव में हंगामाघटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजनों ने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। इस दौरान कई घंटों तक पुलिस और परिजनों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
सूचना पर पुलिस बल, फील्ड यूनिट और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही ससुराल पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गांव में तनाव, परिवार में मातमइस घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोगों के बीच दहेज हत्या को लेकर गहरी चर्चा है। पुष्पेंद्री अपने परिवार में तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। उसकी असमय मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर सवालों को उजागर करता है, जिस पर सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।