कांग्रेस मांगे 150 सीटें, सपा बोली जमीनी हकीकत देखो; यूपी 2027 से पहले सीट शेयरिंग पर बढ़ी हलचल

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा तेज है। गठबंधन में कांग्रेस की ओर से 150 सीटों की मांग किए जाने की बात सामने आने के बाद अब सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश की जमीनी हकीकत को समझते हुए व्यावहारिक रुख अपनाना चाहिए और उन सीटों पर ध्यान देना चाहिए, जहां पार्टी के जीतने की संभावना हो।

रामजी लाल सुमन ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में सपा और कांग्रेस दोनों के लिए मिलकर चुनाव लड़ना जरूरी है। उनके मुताबिक, गठबंधन को लेकर दोनों दलों का रुख व्यावहारिक होना चाहिए और सीटों के बंटवारे पर बातचीत इसी आधार पर आगे बढ़नी चाहिए।

150 सीटों की मांग पर सपा सांसद ने क्या कहा?

कांग्रेस की ओर से 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग के सवाल पर रामजी लाल सुमन ने कहा कि पार्टी को राज्य की जमीनी स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से व्यावहारिक नजरिया अपनाने की बात कही। उनका कहना है कि सीटों की संख्या पर जोर देने के बजाय उन सीटों पर ध्यान देना जरूरी है, जहां पार्टी चुनाव में जीत हासिल कर सकती है।

सपा सांसद ने साथ ही भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन होगा। उन्होंने कहा कि दोनों दल सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत के जरिए आपसी सहमति तक पहुंच सकते हैं।

दोनों दलों के साथ चुनाव लड़ने की बात पर जोर

रामजी लाल सुमन ने कहा कि सपा और कांग्रेस को मिलकर चुनाव लड़ने की जरूरत को समझना चाहिए। उन्होंने गठबंधन के लिए दोनों पार्टियों के बीच व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।

उनके बयान से यह भी स्पष्ट है कि सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत में केवल सीटों की संख्या ही मुद्दा नहीं है, बल्कि संबंधित सीट पर चुनावी स्थिति को भी ध्यान में रखने की बात कही जा रही है।
अखिलेश यादव भी जीत की संभावना को बता चुके हैं अहम

इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रहने की बात कह चुके हैं। सीटों के बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा था कि सीटों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि किसी खास सीट पर किस दल के जीतने की संभावना अधिक है।

अखिलेश यादव के मुताबिक, जिस सीट पर जिस पार्टी के जीतने की संभावना ज्यादा होगी, उसे वहां से चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। उनके इस बयान में सीटों के बंटवारे के दौरान जीत की संभावना को एक महत्वपूर्ण आधार मानने की बात सामने आई थी।

2024 लोकसभा चुनाव में साथ लड़े थे सपा-कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों दल 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं।

अब विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को आगे बढ़ाने की चर्चा चल रही है। सीटों के बंटवारे को लेकर नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। रामजी लाल सुमन ने जहां कांग्रेस से जमीनी स्थिति को ध्यान में रखकर व्यावहारिक रुख अपनाने की बात कही है, वहीं अखिलेश यादव पहले ही सीटों की संख्या के बजाय संबंधित सीट पर जीत की संभावना को महत्व देने की बात कह चुके हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव के लिए दोनों दलों के बीच गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर आगे की बातचीत में इन दोनों पहलुओं पर चर्चा महत्वपूर्ण रहेगी।