उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री ठाकुर रघुराज सिंह द्वारा फिल्म अभिनेता सलमान खान को ‘देशद्रोही’ बताए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। इस बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताते हुए बीजेपी और संबंधित मंत्री पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने न केवल इस टिप्पणी को अनावश्यक और गैर-जिम्मेदाराना बताया, बल्कि इसे सत्तारूढ़ दल की कथनी-करनी के अंतर का प्रतीक भी करार दिया।
अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि लगता है मंत्री जी कोई भी टिप्पणी करने से पहले बुनियादी तथ्यों को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह याद दिलाया कि कुछ वर्ष पहले खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिनेता सलमान खान के साथ सार्वजनिक तौर पर पतंग उड़ाते दिखाई दिए थे। सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि अगर किसी अभिनेता के साथ मंच साझा करना या तस्वीरें खिंचवाना गलत माना जा रहा है, तो उस वक्त ऐसा व्यवहार कैसे स्वीकार्य था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या अब बीजेपी अपने ही अतीत से असहज महसूस करने लगी है।
अखिलेश यादव का तंज और तीखी टिप्पणीअखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा, “लगता है ये विशेष बयान देने से पहले यूपी के मंत्री जी सामान्य ज्ञान की ये अहम बात भूल गए कि उनके सर्वेसर्वा ने कुछ साल पहले अभिनेता जी के साथ पतंग उड़ाई थी। कहीं ऐसा न हो कि ये बयान दिल्ली तक पहुँच जाए और मंत्री जी की डोर कट जाए… या फिर संभव है कि ये टिप्पणी जानबूझकर की गई हो, क्योंकि मंत्री जी को पहले से ही अपनी छंटनी की आहट मिल गई हो।”
उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि इस तरह के बयान या तो राजनीतिक मजबूरी में दिए जाते हैं या फिर पार्टी के भीतर अपनी स्थिति मजबूत करने की कवायद का हिस्सा होते हैं। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी से ना तो जनता का भला होता है और ना ही प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों का समाधान निकलता है।
इससे पहले भी सपा प्रमुख कई मौकों पर बीजेपी पर ध्यान भटकाने वाली राजनीति करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और किसानों की परेशानियों से जूझ रहा है, तब सत्ताधारी दल के नेता जानबूझकर ऐसे विवादित बयान देते हैं, जिससे असली मुद्दे पीछे छूट जाएं। अखिलेश यादव का कहना था कि अब जनता समझदार हो चुकी है और ऐसे बयानों से वास्तविक समस्याओं पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।
फिलहाल इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। सत्ता और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो चुकी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाज़ी और तेज होने के आसार जताए जा रहे हैं।