नोएडा में सिर कटी महिला की लाश ने फैलाई सनसनी, पुलिस अब भी उलझन में, बदला या अवैध संबंध

नोएडा के सेक्टर-82 कट चौकी के पास गुरुवार को नाले से मिली एक महिला की सिर और हाथ कटी लाश ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार को भी पुलिस मृतका की पहचान नहीं कर सकी। फिलहाल, जांच एजेंसियों का पूरा फोकस शव की पहचान पर है, ताकि हत्या की असल वजह तक पहुंचा जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस हत्या की पृष्ठभूमि को समझने की कोशिश में जुटी है। वहीं, क्राइम एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह हत्या बदले की भावना या फिर अवैध संबंधों के शक के चलते की गई हो सकती है।

घटनास्थल से जुड़ी अहम जानकारियां

पुलिस के मुताबिक, जिस तरह से शव को काटकर नाले में फेंका गया है, उससे साफ झलकता है कि आरोपी बेहद चालाक और इलाके से अच्छी तरह वाकिफ है। उसे पता था कि यह इलाका सुनसान है और यहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। संभव है कि उसने प्लानिंग के तहत ऐसा स्थान चुना ताकि पकड़ा न जा सके।

अब तक पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल लिए हैं, लेकिन न तो मृतका की पहचान हो पाई है और न ही आरोपी का कोई सुराग मिला है।

जांच में जुटी पुलिस की दस टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए नोएडा पुलिस ने अपनी जांच टीमों की संख्या तीन से बढ़ाकर सात कर दी थी, जो अब दस तक पहुंच चुकी हैं। शुक्रवार को पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के पांच से आठ किलोमीटर तक के इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान लगभग 15 से 20 रास्तों के सीसीटीवी फुटेज देखे गए और करीब 550 संदिग्ध वाहनों की जानकारी जुटाई गई।

डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि दस टीमें साक्ष्य इकट्ठा करने, संदिग्धों को पहचानने और आसपास के जिलों में गुमशुदा महिलाओं की जानकारी जुटाने का काम कर रही हैं। कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।

पुराने केस से जोड़ने की कोशिश

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मार्च 2023 में नोएडा सेक्टर-8 में भी इसी तरह के एक केस में मानव शरीर के पैर और हाथ मिले थे, जिनका मिलान दिल्ली के साकेत इलाके के केस से हुआ था। पुलिस अब उस फाइल को दोबारा खंगाल रही है, ताकि दोनों मामलों के बीच कोई समानता या कड़ी जुड़ सके। इससे जांच को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

हत्या के पीछे संभावित कारण

क्राइम एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर और दोनों हाथ काटे जाने से यह स्पष्ट है कि हत्या या तो व्यक्तिगत रंजिश के चलते की गई है या फिर पहचान छिपाने के उद्देश्य से — जो अक्सर अवैध संबंधों से जुड़े मामलों में देखा जाता है। इस तरह की वारदातें अक्सर योजनाबद्ध और पूर्वनियोजित होती हैं।

केस दर्ज करने में चुनौती

पुलिस के लिए हत्या का केस दर्ज करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी हत्या को सिद्ध करने के लिए हत्या का कारण (motive), हत्या में इस्तेमाल हथियार (weapon) और शव की पूरी पहचान (body identification) आवश्यक होती है। इन तीनों में से किसी एक की कमी जांच को कमजोर कर सकती है। यही वजह है कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक औपचारिक रूप से हत्या का मामला दर्ज नहीं कर पाई है।

डीएनए और खून के नमूने सुरक्षित

फिलहाल, पुलिस ने मृतका के डीएनए और रक्त के सैंपल सुरक्षित रखे हैं। उम्मीद है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर मृतका की पहचान तय होगी। जैसे ही आरोपी पकड़ा जाएगा, इन्हीं नमूनों के जरिये सबूतों की पुष्टि की जाएगी ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।