ग्रेटर नोएडा दहेज हत्या पर एनसीडब्ल्यू का सख्त रुख, यूपी पुलिस को त्वरित कार्रवाई और 3 दिन में रिपोर्ट के निर्देश

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा। दहेज की मांग को लेकर एक विवाहिता को कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले किए जाने की दिल दहला देने वाली घटना ने देश को झकझोर दिया है। इलाज के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो गई। मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कड़ा रुख अपनाते हुए मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश सरकार व पुलिस को सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई, तथा पीड़िता के परिजनों और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।

साथ ही, पुलिस से निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दोषियों को शीघ्र दंड मिल सके और पीड़िता को न्याय दिलाया जा सके।

घटना ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की है, जहाँ पीड़िता को दहेज को लेकर कथित रूप से लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार और अधिक दहेज की मांग करता रहा, और प्रताड़ना का यह सिलसिला अंततः उसकी जान ले बैठा।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के पति, जेठ और सास को गिरफ्तार कर लिया है।

रविवार को दयावती अपने बेटे विपिन से मिलने अस्पताल जा रही थी। उसी दौरान टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि इससे कुछ घंटे पहले ही विपिन पुलिस कस्टडी से फरार होने की कोशिश में गोली लगने से घायल हो गया था। मुठभेड़ के दौरान गोली उसके पैर में लगी और उसे तुरंत जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इस केस में तीसरी गिरफ्तारी भी हो गई है। निक्की के जेठ रोहित भाटी को कासना क्षेत्र के सिरसा टोल प्लाजा के पास से दबोच लिया गया। घटना के बाद से वह फरार था, लेकिन मैनुअल इंटेलिजेंस और गुप्त सूत्रों की जानकारी पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।

यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावहता और महिला सुरक्षा की चुनौती को सामने लाता है। आयोग का कहना है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ाई जाएगी।