उत्तर प्रदेश में ‘मोंथा’ चक्रवात का असर शुरू, अगले तीन दिनों तक 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

दीपावली के बाद आमतौर पर प्रदेश में हल्की ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। सोमवार रात से ही चक्रवात मोंथा के प्रभाव के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम अचानक करवट ले चुका है। मंगलवार की सुबह गोरखपुर में पांच बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने पूरे शहर को भिगो दिया। राजधानी लखनऊ सहित बांदा, बलिया, वाराणसी, बस्ती और आसपास के कई जिलों में भी दिनभर बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी का दौर चलता रहा।

कई जिलों में बारिश से मौसम में ठंडक, लेकिन बढ़ी उमस

राजधानी लखनऊ में दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन ठंड अब भी दूर है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री कम होकर 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी से रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं, जिससे उमस ने दोबारा परेशान किया।

50 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले तीन दिनों (मंगलवार से गुरुवार) तक उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। हालांकि, इस बदलाव को सर्दी की शुरुआत नहीं माना जा सकता।

“मोंथा” से बढ़ी नमी और बदल रहा है मौसम का रुख

आईएमडी के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में आने वाले दिनों में चक्रवात मोंथा का असर और गहराएगा। उन्होंने कहा, “अभी सर्दी शुरू होने में कुछ दिन और लगेंगे। यह बदलाव केवल बारिश और चक्रवात की वजह से है, न कि ठंड की शुरुआत से।” उन्होंने बताया कि बुधवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा, जिसमें गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, बलिया, आजमगढ़ जैसे जिले शामिल हैं। वहीं, लखनऊ और आसपास के इलाकों में भी तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और धूप न निकलने की संभावना है।

पश्चिमी यूपी में रहेगा साफ मौसम

मोंथा का प्रभाव मुख्यतः पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में रहेगा, जबकि पश्चिमी जिलों — जैसे मेरठ, आगरा, मथुरा और नोएडा — में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी हवा और नमी के कारण इन जिलों में भी हल्की बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता।

बारिश से फसलों पर असर की आशंका

लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विभाग के अनुसार, जिन जिलों में अधिक वर्षा हो रही है, वहां अगेती धान और दलहन फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। जिला कृषि अधिकारी तेज बहादुर सिंह ने बताया, “तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगह फसलें गिर सकती हैं। इससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी और दलहन की पिछड़ी प्रजातियों पर भी असर पड़ेगा।”

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से बदल रहा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्व-मध्य अरब सागर में बने अवदाब क्षेत्र से लेकर पश्चिमी मध्य प्रदेश तक फैली द्रोणी रेखा (ट्रफ लाइन) के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। इसके साथ ही, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मोंथा उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए और अधिक शक्तिशाली हो रहा है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह रुख जारी रहेगा।