मिर्जापुर में नकली सोना बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने दो आरोपियों को दबोचा

उत्तर प्रदेश STF की वाराणसी यूनिट ने मिर्जापुर में असली सोना दिखाकर नकली सोना बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से पीले रंग की 33 नकली गिन्नियां और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

हाईवे पर STF ने दोनों आरोपियों को पकड़ा

STF के मुताबिक, कार्रवाई 23 सितंबर को मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र में तिगोड़ा अंडरपास के पास पड़री हाईवे पर की गई। टीम ने यहां से प्रयागराज निवासी अजय बिंद और गाजीपुर निवासी बृजेश उर्फ बलराम को गिरफ्तार किया।

STF के अनुसार, दोनों आरोपी ऐसे गिरोह से जुड़े थे जो दुकानदारों को कथित तौर पर खुदाई में मिला सोना आधे दाम पर बेचने का लालच देता था। इसके बाद असली सोने के नाम पर नकली गिन्नियां देकर रकम लेकर फरार हो जाता था।

दुकानदारों को ऐसे बनाते थे निशाना

जांच के मुताबिक, गिरोह पहले ऐसी दुकानों की रेकी करता था जहां कारोबार अच्छा चलता हो। दुकान के बाहर लगे बोर्ड से मालिक का मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद नए मोबाइल और फर्जी सिम से फोन किया जाता था।

फोन पर बताया जाता था कि किसी मजदूर को खुदाई के दौरान काफी मात्रा में सोना मिला है। वह डर के कारण दुकान पर नहीं आ सकता और सोना बाजार भाव से करीब आधे दाम पर बेचने को तैयार है।

पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए गिरोह का एक सदस्य कथित तौर पर डरी हुई आवाज में मजदूर बनकर बात करता था। इसके बाद जांच के लिए असली सोने का छोटा टुकड़ा भी दिया जाता था। सुनार से जांच कराने पर टुकड़ा असली निकलता था, जिससे पीड़ित को बाकी सोना भी असली होने का भरोसा हो जाता था।

सुनसान जगह बुलाकर नकली गिन्नियां थमाते थे

STF के अनुसार, भरोसा कायम होने के बाद पीड़ित को किसी सुनसान जगह बुलाया जाता था। वहां उससे नकद रकम लेने के बाद पीले रंग की नकली गिन्नियां दे दी जाती थीं और आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

जांच में सामने आया है कि एक वारदात में करीब 7 से 10 लाख रुपये तक की ठगी की जाती थी। पहचान और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी कथित तौर पर हर वारदात के बाद नया मोबाइल और दूसरे लोगों के नाम पर जारी प्री-एक्टिवेटेड सिम इस्तेमाल करते थे।
दो लाख रुपये लेकर पहुंचा था पीड़ित

STF के मुताबिक, बुधवार को भी आरोपियों ने चुनार निवासी अजय भारती को 2 लाख रुपये लेकर तिगोड़ा अंडरपास बुलाया था। इसी दौरान STF ने दोनों को पकड़ लिया।

STF का कहना है कि गिरोह अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। एजेंसी के मुताबिक, बदनामी के डर से कई पीड़ितों ने शिकायत नहीं की।

मिर्जापुर में पहले से दर्ज हैं तीन मामले

STF के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ मिर्जापुर में पहले से ठगी के तीन मामले दर्ज हैं। इनमें 2.25 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 5.50 लाख रुपये की कथित ठगी से जुड़े मामले शामिल हैं।

दोनों आरोपियों के खिलाफ पड़री थाने में BNS की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज किया गया है। अब स्थानीय पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।