‘एक बार बेटी से मिला दो’, सजा से पहले छह साल की बच्ची से मिलना चाहती है मुस्कान

मेरठ के चर्चित सौरव हत्याकांड में दोषी करार दी गई मुस्कान अपनी सजा सुनाए जाने से पहले छह साल की बेटी से मिलना चाहती है। चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद मुस्कान ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी बेटी से मुलाकात कराने की गुजारिश की है। मुस्कान और साहिल को जिला जज की अदालत में सजा सुनाई जानी है। इस बीच दोनों की जेल में गतिविधियों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उनके व्यवहार को लेकर जानकारी सामने आई है। मुस्कान को 30 सितंबर को दोषी करार दिया गया था। इसके अगले दिन, 1 अक्टूबर को उसने जेल प्रशासन से अपनी बेटी से एक बार मिलने की इच्छा जताई। उसने बताया कि उसकी छह साल की बेटी फिलहाल नाना-नानी के पास रह रही है। जेल प्रशासन ने उसे जानकारी दी कि वह मुलाकात के लिए लिखित आवेदन दे सकती है। इसके बाद मुस्कान ने पत्र लिखकर बेटी से मिलवाने का अनुरोध किया।

डेढ़ साल से जेल में बंद मुस्कान ने नहीं देखी बेटी की शक्ल


मुस्कान की बेटी अपने नाना-नानी के साथ रह रही है। खबर के मुताबिक, मुस्कान करीब डेढ़ साल से जेल में बंद है और इस दौरान उसने अपनी बेटी से मुलाकात नहीं की है। उसके माता-पिता या अन्य परिजन भी उससे मिलने जेल नहीं पहुंचे हैं। सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान ने अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जाहिर की है। इस मामले में छह साल की बच्ची का जिक्र इसलिए भी अहम है, क्योंकि पिता सौरव के बारे में उसकी पूछताछ और उनसे मिलने की जिद के बाद घटनाक्रम में महत्वपूर्ण मोड़ आया था। बच्ची को अपने पिता के बारे में जानकारी नहीं मिल रही थी, जबकि मुस्कान ने परिजनों को बताया था कि सौरव अचानक वापस चले गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मुस्कान ने जेल में रहते हुए एक बेटी को जन्म भी दिया है। हालांकि, सजा से पहले वह जिस बेटी से मिलने की इच्छा जता रही है, वह छह साल की है और अपने नाना-नानी के पास रह रही है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जज ने मुस्कान और साहिल से पूछा सवाल

सजा सुनाए जाने से पहले जिला जेल से मुस्कान और साहिल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। इस दौरान जज ने दोनों से पूछा कि यदि उन्हें कुछ कहना है तो वे अपनी बात रख सकते हैं। साहिल ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। मुस्कान ने भी अदालत के सवाल पर कोई बात नहीं कही। रिपोर्ट के अनुसार, सजा सुनाए जाने के समय दोनों को दोबारा जोड़ा जाना था। अदालत की ओर से सजा का ऐलान होना बाकी था। सजा सुनाए जाने से पहले दोनों जेल में बेचैन दिखाई दे रहे थे। हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने अपनी ओर से कोई अतिरिक्त बात नहीं रखी।

जेल में बंदियों से बातचीत नहीं कर रहे मुस्कान और साहिल

जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मुस्कान और साहिल दोनों का स्वास्थ्य ठीक है। हालांकि, दोनों जेल के अन्य बंदियों से बातचीत नहीं कर रहे हैं। साहिल जेल में खेतीबाड़ी का काम भी कर रहा था, लेकिन उसने फिलहाल यह काम बंद कर दिया है। उसने कहा है कि सजा सुनाए जाने के बाद वह दोबारा काम करेगा। इस तरह अदालत के फैसले से पहले दोनों की दिनचर्या में बदलाव की जानकारी भी सामने आई है।
पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर सौरव की हत्या का मामला

सौरव हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया गया है। मामले के विवरण के मुताबिक, सौरव की हत्या उनकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने की थी। सौरव विदेश में रहते थे और छुट्टी लेकर पत्नी तथा बेटी का जन्मदिन मनाने आए थे। घटना के दौरान मुस्कान अपनी छह साल की बेटी को नाना-नानी के पास छोड़कर गई थी। उसने परिजनों से कहा था कि वह सौरव के साथ घूमने जा रही है। इसके बाद सौरव के बारे में परिवार को जानकारी नहीं मिली तो घटनाक्रम ने गंभीर रूप ले लिया।

बेटी ने पिता से मिलने की जिद की तो खुला हत्याकांड का राज

मुस्कान साहिल के साथ हिमाचल घूमकर लौटी थी। इसके बाद उसकी बेटी ने अपने पिता सौरव से मिलने की जिद की। रिपोर्ट के अनुसार, मुस्कान ने बेटी और परिवार को यह कहकर गुमराह किया कि सौरव को अचानक वापस जाना पड़ा है। लेकिन बेटी की लगातार जिद और परिजनों की सख्ती के बीच मुस्कान की बताई कहानी पर सवाल उठने लगे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस को मुस्कान और साहिल की निशानदेही पर सौरव का शव बरामद हुआ था। सौरव के शव के टुकड़े एक नीले ड्रम में मिले थे, जिसे सीमेंट से पैक किया गया था। इस बरामदगी ने मामले को गंभीर हत्याकांड के रूप में सामने ला दिया। इसी मामले में मुस्कान और साहिल को 30 सितंबर को दोषी करार दिया गया था। अब दोनों को जिला जज की अदालत से सजा सुनाए जाने का इंतजार है। इस बीच मुस्कान ने जेल प्रशासन के माध्यम से अपनी छह साल की बेटी से मिलने की इच्छा जताई है। अदालत में सजा का ऐलान और बेटी से मुलाकात की उसकी गुजारिश, दोनों ही इस मामले से जुड़े घटनाक्रम के अहम पहलू बने हुए हैं।