मेरठ से सामने आया यह मामला किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन यह पूरी तरह सच है और बेहद चौंकाने वाला है। शहर के एक घर में उस समय सनसनी फैल गई जब पता चला कि एक पिता अपनी मृत बेटी की लाश के साथ पिछले पांच महीनों से रह रहा था। हैरानी की बात यह रही कि इस बात की भनक न तो पड़ोसियों को लगी और न ही रिश्तेदारों को। जब भी कोई प्रियंका के बारे में पूछता, पिता यही कहता कि वह देहरादून में नौकरी कर रही है। बदबू को छिपाने के लिए वह लगातार परफ्यूम का इस्तेमाल करता रहा, जिससे सच्चाई लंबे समय तक छिपी रही। धीरे-धीरे शव पूरी तरह सड़ चुका था और केवल कंकाल जैसा अवशेष ही बचा था।
रिश्तेदारों की सूचना पर खुला रहस्ययह मामला मेरठ के तेली मोहल्ले का है। जब रिश्तेदारों को घर से तेज बदबू आने लगी तो उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोला, तो अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। बेड पर एक सड़ी-गली लाश पड़ी थी, जिसकी हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया था। कमरे में फैली गंदगी और बदबू ने पूरे माहौल को भयावह बना दिया था।
परफ्यूम से छिपाने की कोशिश करता रहा सच्चाईजिस घर में यह घटना हुई वह मूल रूप से बंगाल निवासी उदय भानु विश्वास का है। मृतक लड़की उनकी बेटी प्रियंका थी, जो पेशे से शिक्षिका बताई जाती है। जानकारी के अनुसार, प्रियंका की मौत लगभग पांच महीने पहले पीलिया बीमारी के कारण हो गई थी। लेकिन पिता ने इस बात को किसी को नहीं बताया और बेटी के साथ रहने की जिद में उसने शव को घर में ही रख दिया।
बताया जाता है कि कुछ समय बाद वह घर छोड़कर देहरादून चला गया और लोगों को यही कहता रहा कि उसकी बेटी अस्पताल में भर्ती है। वहीं बदबू को दबाने के लिए वह लगातार कमरे में परफ्यूम छिड़कता रहा, ताकि किसी को शक न हो।
रिश्तेदारों की तलाश के बाद सामने आया सचपरिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्होंने उदय भानु को आखिरी बार 5 दिसंबर को देखा था, जिसके बाद वह अचानक गायब हो गया था। लगातार तलाश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। शुक्रवार को किसी ने सूचना दी कि उसे बेगमबाग इलाके में एक चाय की दुकान पर देखा गया है। इसके बाद रिश्तेदार तुरंत वहां पहुंचे और उसे पकड़ लिया।
घर पहुंचते ही सामने आया डरावना सचपूछताछ के दौरान जब सख्ती की गई, तो उदय भानु ने पूरा सच बता दिया। उसने स्वीकार किया कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है और उसका शव घर के अंदर रखा हुआ है। यह सुनते ही रिश्तेदार स्तब्ध रह गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची और जब कमरे की तलाशी ली गई तो अंदर कचरे का ढेर और बेड पर सड़ी हुई लाश पड़ी मिली। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोग भी दंग रह गए। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पिता को हिरासत में ले लिया।
बीमारी और मानसिक तनाव की पृष्ठभूमिजानकारी के अनुसार, प्रियंका लंबे समय से पीलिया से पीड़ित थी और उसका इलाज झाड़-फूंक से भी कराया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। पिता भानु विश्वास शिक्षा विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। बताया जाता है कि उनकी पत्नी ने साल 2013 में आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद से परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा था।
इसी मानसिक स्थिति में बेटी की मौत के बाद पिता ने अंतिम संस्कार नहीं किया और शव को घर में ही रख दिया। बाद में वह कुछ समय के लिए देहरादून चला गया और वापस लौटकर फिर उसी घर में रहने लगा, जहां उसकी बेटी का शव सड़ चुका था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।