हापुड़ में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया, जब चितौली रोड पर स्थित एक स्क्रैप फैक्ट्री अचानक आग की लपटों में घिर गई। करीब 1 बजे लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को दहला दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुराने वाहनों से डीज़ल, पेट्रोल, सीएनजी और काला तेल निकालने वाली वी-पॉल्यूशन मशीन में अचानक स्पार्किंग हुई, जिससे आग भड़क उठी।
कुछ ही पलों में फैली आग, वाहन और पार्ट्स खाकआग लगते ही हालात बेकाबू हो गए। चंद सेकंडों में लपटें आधा दर्जन पुराने वाहनों तक जा पहुँचीं और आसपास रखे सैकड़ों स्क्रैप पार्ट्स को भी आग ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। कलपुर्जों और वाहनों के जलते ही वातावरण में धुआं फैल गया और लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे।
गूंजे तेज धमाके—इलाके में दहशतप्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग पकड़ते ही कई तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिन्हें लोग सीएनजी सिलिंडरों के फटने का परिणाम बता रहे हैं। आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की गलियों में रहने वाले भी घरों से बाहर निकल आए। हालांकि कारखाना मालिकों ने धमाके होने की बात से साफ इनकार किया और दावा किया कि केवल आग से सामान्य शोर हुआ।
दमकल की टीम की तीन घंटे की मशक्कतआग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियाँ तुरंत मौके पर पहुँचीं। लपटें इतनी तेज थीं कि स्थिति को नियंत्रित करने में दमकल कर्मियों को लगभग तीन घंटे तक लगातार मेहनत करनी पड़ी। पानी की धारें और फोम स्प्रे की मदद से आखिरकार आग को काबू में कर लिया गया।
नहीं हुआ कोई जनहानि, पर भारी नुकसान की आशंकासौभाग्य से इस हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। मगर आग ने फैक्ट्री में खड़े वाहनों और स्क्रैप सामग्री को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया है, जिसका अनुमान लाखों रुपए तक लगाया जा रहा है।
अब होगी सुरक्षा मानकों की जांचदमकल विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और फैक्ट्री की एनओसी, सुरक्षा उपकरणों, फायर सिस्टम और मानक प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्टता मिलेगी।