गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में फिर से शीर्ष पर पहुंच गया है। पिछले चार दिनों से शहर की हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की जा रही है और लोगों की सांसों पर गंभीर संकट बना हुआ है।
सोमवार को गाजियाबाद का एक्यूआई (AQI) 425 दर्ज किया गया, जबकि रविवार को यह आंकड़ा 458 था। सूची में दूसरे स्थान पर नोएडा (412 AQI) और तीसरे पर दिल्ली (410 AQI) रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद के चारों एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन गंभीर प्रदूषण श्रेणी में हैं। लोनी और वसुंधरा स्टेशन जनवरी में लगातार 300 के ऊपर AQI के साथ सबसे प्रदूषित रहे हैं।
पेड़ों पर धूल जमा, छिड़काव न के बराबरउत्तर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थानीय सोसायटियों और औद्योगिक क्षेत्रों को नियमित छिड़काव कराने के निर्देश दिए थे और नोटिस भी जारी किए थे। शुरुआत में कुछ छिड़काव हुआ, लेकिन बाद में यह पूरी तरह बंद हो गया।
नगर निगम की ओर से भी केवल कुछ ही स्थानों पर छिड़काव कराया जा रहा है। पेड़ों की पत्तियों पर धूल जम गई है, जो हवा में मिलकर स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो रही है। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास नाकाफी और अल्पसंकल्प दिखाई दे रहे हैं।
स्मार्ट निगरानी के बावजूद हालात गंभीरसोमवार को गाजियाबाद के प्रमुख इलाकों में AQI रिकॉर्ड इस प्रकार रहा:
क्षेत्र - AQI - श्रेणीगाजियाबाद - 425- Severe
इंदिरापुरम- 435- Severe
लोनी - 464- Severe
संजनगर - 426 - Severe
वसुंधरा - 426- Severe
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि टीमों को लगातार निगरानी और कारणों की जांच के लिए लगाया गया है। हालांकि निगम और प्रशासन की लापरवाही के कारण शहरवासियों को अब भी सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।