सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की “एकता यात्रा” के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की धरती से एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत राष्ट्र सर्वोपरि है — कोई भी धर्म, पंथ या विचारधारा राष्ट्र से बड़ी नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति या समूह राष्ट्रीय एकता की राह में अवरोध बनता है, उसे समाज खुद अलग कर दे।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि लौह पुरुष ने जिस तरह देश के बिखरे रियासतों को जोड़कर भारत को अखंड रूप दिया, उसी भावना को हमें आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों के लिए आज भी उनका मजहब राष्ट्र से बड़ा है, लेकिन हमें तय करना होगा कि भारत पहले है, और हमेशा रहेगा।”
वंदे मातरम् को स्कूलों में अनिवार्य करने की घोषणायोगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि अब उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय में प्रतिदिन राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि यही गीत आज़ादी की लड़ाई के दौरान भारतीय चेतना को जगाने का माध्यम बना था। सीएम ने अफसोस जताया कि आज भी कुछ लोग इस गीत का विरोध करते हैं, जबकि यह देश की आत्मा का प्रतीक है।
सपा सांसद द्वारा वंदे मातरम् गाने से इंकार करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “जो लोग जिन्ना के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, वे सरदार पटेल जैसी महान विभूतियों की जयंती में शामिल नहीं होते। ऐसे लोगों की मानसिकता समाज को बांटने का काम करती है।” उन्होंने चेताया कि जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर भेदभाव “नए जिन्ना” पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश में फिर कोई जिन्ना पनपने न पाए। यदि कोई ऐसा प्रयास करता है, तो उसे उसी समय समाप्त कर देना चाहिए।”
एकता यात्रा में उमड़ा जनसैलाबगोरखपुर में भाजपा की एकता यात्रा के दौरान माहौल देशभक्ति से सराबोर था। सुबह नौ बजे से ही गोलघर की ओर बढ़ती भीड़ यह संकेत दे रही थी कि शहर में कोई भव्य आयोजन होने वाला है। नगर निगम मुख्य द्वार से लेकर काली मंदिर स्थित पटेल चौक तक दोनों ओर नागरिकों की लंबी कतारें मुख्यमंत्री के स्वागत में खड़ी थीं। सड़कों को भगवा और केसरिया रंग की झालरों से सजाया गया था, जबकि पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद था।
मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही टाउनहॉल से गोलघर की ओर बढ़ा, भीड़ ने फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। महिलाओं और बच्चों ने हाथों में तिरंगे झंडे लहराते हुए “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “योगी जी जिंदाबाद” के नारे लगाए। पूरा वातावरण देशभक्ति और उत्साह से गूंज उठा।
रंग-बिरंगे मंच और लोकनृत्यों ने बढ़ाया उत्सव का रंगगोलघर के पास नगर निगम भवन के सामने और इंदिरा तिराहा, गणेश चौक तक पूरा इलाका केसरिया रंग में रंगा हुआ था। मंच पर पारंपरिक परिधानों में कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री पदयात्रा करते हुए मंच पर पहुंचे, ढोल-नगाड़ों की थाप से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहां मौजूद लोगों ने फूल बरसाकर उनका अभिवादन किया।
बच्चों और नागरिकों का जोशस्कूलों के छात्र-छात्राएं हाथों में छोटे तिरंगे लेकर सड़कों के किनारे कतारबद्ध खड़े थे। उनके बैनरों पर लिखा था — “एक भारत, श्रेष्ठ भारत।” मुख्यमंत्री की झलक पाने के लिए बच्चे सड़क किनारे झुकते और उनके गुजरते ही नारे लगाते। यात्रा जब गोलघर काली मंदिर के पास पहुंची, तो लोगों ने “सरदार पटेल अमर रहें” और “योगी-मोदी जिंदाबाद” के नारे लगाए।
मुख्यमंत्री ने काली माता के दर्शन किए और फिर सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
20 नवंबर तक चलेगी एकता पदयात्राभाजपा की यह एकता यात्रा 20 नवंबर तक प्रदेशभर में जारी रहेगी। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर सरदार पटेल के आदर्शों, उनके निर्णयों और राष्ट्रीय एकता के महत्व को जन-जन तक पहुंचाएंगे। गोरखपुर की यात्रा ने इस अभियान को नई ऊर्जा दी, जहां लोगों ने राष्ट्रभक्ति के उत्साह से यह संदेश दोहराया — “कोई भी मजहब राष्ट्र से बड़ा नहीं।”