ब्रजेश पाठक का सपा पर तीखा हमला, बोले- ‘नीला गमछा नहीं, पूरे शरीर पर रंग लगा लें, जनता सब जानती है’

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। चुनाव में अभी करीब छह महीने का समय बाकी है, लेकिन राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी का सिलसिला भी बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है।

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी को अराजकता और गुंडई की राजनीति से जोड़ते हुए दलितों पर अत्याचार के आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि सपा अलग-अलग रूप धारण करके वोट मांगने की कोशिश करती है, लेकिन जनता उसके राजनीतिक इतिहास से परिचित है।

‘नीला गमछा ही नहीं, पूरे शरीर पर नीला रंग लगा लें’

समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सपा की स्थिति उस शुतुरमुर्ग जैसी है, जो खतरा आने पर अपनी चोंच रेत में छिपाकर खुद को सुरक्षित समझता है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का इतिहास गुंडई और अराजकता से जुड़ा रहा है।

ब्रजेश पाठक के मुताबिक, जब-जब सपा सत्ता में रही, तब दलितों पर अत्याचार बढ़े। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी दलित व्यक्ति से पूछा जा सकता है। इसी दौरान उन्होंने सपा पर राजनीतिक रूप से भेष बदलकर वोट मांगने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “वो नीला गमछा ही नहीं पूरे शरीर पर नीला रंग लगा ले लेकिन जनता सब जानती है।”

सपा अपने नाम से वोट मांगे तो जमानत जब्त होने का दावा

डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यदि पार्टी अपने नाम और पहचान के आधार पर वोट मांगेगी, तो उसकी जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने सपा पर ‘बहरूपिया’ बनकर चुनावी समर्थन हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि उनकी सरकार दलित महापुरुषों की मूर्तियों और पार्कों को सजाने-संवारने का काम कर रही है। उन्होंने सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन ‘सबका साथ, सबका विकास’ के आधार पर काम कर रहा है और गरीबों को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने विपक्ष पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष जीत हासिल नहीं कर पाएगा। यह बयान उन्होंने चुनावी तैयारियों के बीच दिया है।

अखिलेश यादव के दावों को ब्रजेश पाठक ने बताया मनगढ़ंत

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से बीजेपी सरकार के कार्यकाल में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां तोड़े जाने को लेकर बताए गए आंकड़ों पर भी सवाल उठाए।

डिप्टी सीएम ने दावा किया कि अखिलेश यादव जिन आंकड़ों का उल्लेख कर रहे हैं, वे मनगढ़ंत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये आंकड़े अखिलेश यादव की सोशल मीडिया टीम ने तैयार किए हैं। हालांकि, उपलब्ध संदर्भ सामग्री में अखिलेश यादव के बयान या संबंधित आंकड़ों का स्वतंत्र विवरण मौजूद नहीं है।

इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती भी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साध चुकी हैं। ब्रजेश पाठक ने अपने बयान में मायावती का भी उल्लेख किया।
सपा पर माफियाओं को बढ़ावा देने का आरोप

समाजवादी पार्टी के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों से जुड़े सवाल पर भी ब्रजेश पाठक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपा द्वारा माफियाओं को बढ़ावा दिए जाने की बात सही है और इसे सभी लोग जानते हैं। उन्होंने पार्टी पर महिलाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में गलत भूमिका निभाने का आरोप लगाया।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि जनता सब कुछ समझती है। उन्होंने मायावती को दलितों की नेता बताते हुए सपा और मायावती के बीच पुराने विवाद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोगों को याद है कि समाजवादी पार्टी ने मायावती के साथ क्या किया था।

डिप्टी सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के लोग डॉ. भीमराव आंबेडकर को ‘भू-माफिया’ बताते थे। यह आरोप उन्होंने सपा की राजनीतिक विचारधारा और दलितों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर लगाए।

ब्रजेश पाठक के इन बयानों के केंद्र में समाजवादी पार्टी की कथित राजनीतिक रणनीति, दलितों से जुड़े मुद्दे, माफियाओं को लेकर आरोप और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी रही। उपलब्ध संदर्भ सामग्री में समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

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