लखनऊ से बरेली तक सड़क पर उतरेगी बीजेपी, 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान से चुनावी तैयारी तेज

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी मंगलवार, 3 नवंबर से प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान शुरू कर रही है। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तक सड़क पर उतरकर पदयात्रा करेंगे। अभियान की शुरुआत मंगलवार को लखनऊ और बरेली से होगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में अवध क्षेत्र की पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा बरेली में ब्रज क्षेत्र के कार्यक्रम में शामिल होंगे। पार्टी का उद्देश्य पदयात्राओं के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करना है।

यूपी के छह संगठनात्मक क्षेत्रों में निकलेगी पदयात्रा

बीजेपी ने इस अभियान के लिए प्रदेश को छह संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटकर कार्यक्रम तैयार किया है। 3 से 5 नवंबर तक चलने वाली इन पदयात्राओं में पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता अलग-अलग शहरों में मोर्चा संभालेंगे। कार्यक्रम के मुताबिक, 3 नवंबर को लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान और बरेली में जेपी नड्डा पदयात्रा में शामिल होंगे। इसके बाद 4 नवंबर को गोरखपुर में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। इसी दिन काशी क्षेत्र के प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के कानपुर में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। अभियान के अंतिम दिन यानी 5 नवंबर को पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा गाजियाबाद में होगी। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। इस तरह तीन दिनों में प्रदेश के छह प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों में पार्टी का अभियान पूरा होगा।

हर पदयात्रा में 25 हजार कार्यकर्ता जुटाने का लक्ष्य

बीजेपी ने प्रत्येक पदयात्रा में कम से कम 25 हजार कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस हिसाब से छह कार्यक्रमों के जरिए करीब 1.5 लाख लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता भी इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। बीजेपी की रणनीति केवल बड़े नेताओं की मौजूदगी तक सीमित नहीं है। पदयात्राओं के दौरान स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने, संगठन की गतिविधियों को मजबूत करने और बूथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर भी जोर दिया जाएगा। पार्टी के नेता संबंधित क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और जनसंपर्क करेंगे। रात्रि विश्राम के जरिए स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद करने की भी योजना है।
विपक्ष के SIR अभियान के जवाब में बीजेपी की रणनीति

'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान को विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों के जवाब में बीजेपी की राजनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। ऐसे में बीजेपी अपनी पदयात्राओं के माध्यम से विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपनी बात जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से भ्रम फैलाया जा रहा है। बीजेपी इसी मुद्दे पर कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच अपना पक्ष रखने की कोशिश करेगी।

अमित शाह भी हैदराबाद में कर चुके हैं पदयात्रा

बीजेपी का यह अभियान केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। पार्टी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भी 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' कार्यक्रम के तहत पदयात्राएं और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद पहुंचे थे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा की। इस दौरान उनके हाथ में राष्ट्रीय ध्वज था। केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और तेलंगाना बीजेपी के अन्य नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। इसके अलावा बिहार के भागलपुर में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में एनडीए की पदयात्रा निकाली गई। कोलकाता में भी नितिन नवीन और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पदयात्रा में हिस्सा लिया। महाराष्ट्र में महायुति की ओर से 'संविधान बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली आयोजित की गई।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी का तीन दिवसीय पदयात्रा अभियान चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पार्टी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों में उतारकर संगठन की सक्रियता बढ़ाना चाहती है। लखनऊ, बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और गाजियाबाद जैसे शहरों में होने वाले कार्यक्रमों के जरिए पार्टी छहों संगठनात्मक क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी के साथ स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी है। पदयात्राओं के जरिए बीजेपी जहां विपक्ष के SIR और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों का राजनीतिक जवाब देने की कोशिश करेगी, वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर भी ध्यान देगी।