बरेली बवाल: मौलाना तौकीर की गिरफ्तारी के बाद 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, प्रशासन ने लिया कड़ा ऐक्शन

शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बरेली में उपजे उपद्रव के बाद प्रशासन ने तुरंत कड़ा कदम उठाया है। शनिवार को पुलिस ने आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके साथ ही शहर में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया। बीएसएनएल के क्षेत्रीय अधिकारी जीए पंकज पोरवाल ने इस आदेश की पुष्टि की। पहले सोशल मीडिया पर इंटरनेट बंद करने के एक लेटर को फर्जी बताया गया था, लेकिन इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बाद उस लेटर की सत्यता साबित हो गई।

बवाल का सिलसिला और पुलिस कार्रवाई


कानपुर प्रकरण को लेकर शुक्रवार को बरेली में तनाव का माहौल रहा। नमाज के बाद कोतवाली के खलील तिराहे से उपद्रव शुरू हुआ और धीरे-धीरे शहर के विभिन्न इलाकों में पथराव और फायरिंग की घटनाएं हुईं। पुलिस और प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की। शनिवार को प्रशासन ने शहर में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद करने का आदेश जारी किया। आदेश के तुरंत बाद शहर की सभी इंटरनेट सेवाएं ठप्प हो गईं। कुछ नेटवर्क थोड़ी देर तक चालू रहे, लेकिन बाद में उन्हें भी बंद कर दिया गया।

मौलाना तौकीर का पिछला रिकॉर्ड

बरेली में मौलाना तौकीर रजा का नाम विवादों से जुड़ा रहा है। वह 2010 के बरेली दंगों का आरोपी हैं, हालांकि मामला कोर्ट में लंबित है। ज्ञानवापी प्रकरण के बाद उन्होंने जेल भरो आंदोलन की भी घोषणा की थी। इसके अलावा समय-समय पर विवादित बयानबाजी के लिए भी वे सुर्खियों में रहे हैं।

जिला प्रशासन का रुख: विकास को रोकने की साजिश

बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न इलाकों में जाकर व्यापारियों से बातचीत की और लोगों को शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया। मीडिया से बातचीत में डीएम ने बताया कि शुक्रवार का हिंसक घटनाक्रम सुनियोजित साजिश के तहत किया गया। प्रदेश और जिले में तेजी से हो रहे विकास को प्रभावित करने के लिए लोगों को भड़काकर हिंसा कराई गई। डीएम ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।