समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि भाजपा और निर्वाचन आयोग मिलकर लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों को धोखा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता में भाजपा के खिलाफ आक्रोश है और 2027 के चुनाव में पार्टी की कथित साजिशें काम नहीं आएंगी। इसी दौरान उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में उसका “घड़ा नहीं, टैंकर और टंकी फूटेगी”। अखिलेश ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर को भी अनपढ़ बताया।
भाजपा पर चुनाव में गड़बड़ी की तैयारी का आरोपअखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जब भाजपा का जनसमर्थन कम होता है और उसे हार का डर सताता है, तो वह निर्वाचन आयोग की आड़ लेती है। उनके मुताबिक, सपा वर्ष 2022 से चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रशासन के सहयोग से चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं करने की तैयारी कर रही है। सपा प्रमुख ने भाजपा की कथित ‘10 चुनावी चालों’ का जिक्र करते हुए फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने, विरोधियों के वास्तविक मतदाताओं के नाम कटवाने और मतदान से पहले पैसे व भोजन बांटने जैसे आरोप लगाए। उन्होंने मतदाताओं को डराने, ईवीएम में हेरफेर और मतगणना में धांधली की आशंका भी जताई। अखिलेश ने यह आरोप भी लगाया कि चुनाव में हारने वाले उम्मीदवारों को विजेता घोषित कर प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। उन्होंने चुनाव के बाद विपक्षी दलों में फूट डालने और उनके विधायकों को तोड़ने का भी दावा किया। ये सभी आरोप अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए हैं।
मतदाता सूची में 19.2 लाख संदिग्ध प्रविष्टियां मिलने का दावाअखिलेश यादव ने बताया कि सपा के ‘पीडीए प्रहरी’ सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की जांच कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में 19.2 लाख संदिग्ध फर्जी मतदाता प्रविष्टियों की पहचान की गई है। उन्होंने नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। अखिलेश के मुताबिक, फॉर्म-6 के कुल 87.66 लाख आवेदन मिले थे, जिनमें से 84.30 लाख नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने केवल 71.38 लाख आवेदनों का विवरण सार्वजनिक किया, जबकि 16.18 लाख आवेदनों की जानकारी सामने नहीं रखी। सपा प्रमुख ने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन मामलों के अतिरिक्त तीन लाख और संदिग्ध प्रविष्टियां चिह्नित की हैं। उन्होंने बताया कि कुछ रिकॉर्ड में मतदाताओं और उनके माता-पिता के नाम समान पाए गए। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में 10,000 से 15,000 तक संदिग्ध प्रविष्टियां मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सीटों पर भाजपा को हार का डर था, वहां ऐसी गड़बड़ियां अधिक थीं।
कानून-व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर सवालअखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और आए दिन बलात्कार, लूट तथा हत्या की घटनाएं हो रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पा रहा है और गरीबों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
विदेश नीति और बैंक को लेकर भी सरकार को घेरासपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को अब तक की सबसे कमजोर विदेश नीति बताया। उन्होंने मौजूदा हालात की तुलना हिटलर के दौर से करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश ने इलाहाबाद बैंक का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के एकमात्र बैंक को भी बेच दिया है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर कोई बैंक नहीं बेचा जाएगा और किसानों का कर्ज भी माफ किया जाएगा।