चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 300 नई बसों को सेवा में शामिल किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई स्थित सचिवालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन बसों का औपचारिक उद्घाटन किया और उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नई बसों के बेड़े का निरीक्षण किया और बाद में स्वयं एक बस में सफर कर नई सेवा की शुरुआत का अनुभव भी लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बस चालकों और परिवहन विभाग के कर्मचारियों से मुलाकात की तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं। समारोह से जुड़े वीडियो और तस्वीरों में मुख्यमंत्री बस की आगे वाली सीट पर बैठकर यात्रा करते और मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते हुए भी दिखाई दिए।
राज्य सरकार के इस कदम को तमिलनाडु की परिवहन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नई बसों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों को बेहतर और अधिक सुविधाजनक परिवहन सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में सार्वजनिक बस सेवाओं का संचालन आठ सरकारी परिवहन निगमों के माध्यम से किया जाता है। इनमें चेन्नई की मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एमटीसी), तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम की विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयां—विल्लुपुरम, कुंभकोणम, सलेम, कोयंबटूर, मदुरै और तिरुनेलवेली—के अलावा राज्य एक्सप्रेस परिवहन निगम (एसईटीसी) शामिल हैं, जो लंबी दूरी की अंतर-शहरी बस सेवाएं संचालित करता है।
सरकार द्वारा शामिल की गई नई बसें इन आठ परिवहन संस्थाओं में से सात निगमों को आवंटित की गई हैं। राज्य एक्सप्रेस परिवहन निगम को इस चरण में शामिल नहीं किया गया है। इन बसों का उद्देश्य राज्य के विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाना तथा रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अधिक भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है।
नए बेड़े में डीजल और सीएनजी दोनों तरह की बसें शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे एक ओर सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्पों को भी बढ़ावा मिलेगा। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी इन बसों के संचालन से लोगों की आवाजाही अधिक सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई बसों के शामिल होने से पुरानी और तकनीकी रूप से कम सक्षम बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा सकेगा। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही राज्य परिवहन उपक्रमों की परिचालन क्षमता और सेवा गुणवत्ता में भी सुधार होने की संभावना है।
दरअसल, इन बसों के उद्घाटन का कार्यक्रम पहले मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के जन्मदिन 22 जून को आयोजित किए जाने की योजना थी। इसके लिए राज्य के अलग-अलग जिलों से नई बसों को पहले ही चेन्नई पहुंचा दिया गया था। बसों को कोयंबेडु और किलांबक्कम जैसे प्रमुख बस टर्मिनलों सहित विभिन्न स्थानों पर खड़ा किया गया था, ताकि उद्घाटन समारोह की तैयारियां पूरी की जा सकें।
हालांकि बाद में प्रशासनिक कारणों से कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया गया और उद्घाटन कुछ दिनों बाद आयोजित किया गया। इसके बावजूद नई बसों के सेवा में शामिल होने को लेकर यात्रियों और परिवहन विभाग में उत्साह देखने को मिला।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए इसी तरह के कदम उठाए जाएंगे। नई बसों की शुरुआत से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य की परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, कुशल और जनोन्मुख बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।