SIR को लेकर सियासी टकराव तेज, कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री दक का जवाब—‘जो समय रहते सक्रिय नहीं हुए, उसकी जवाबदेही हमारी नहीं’

जयपुर: राजस्थान में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा दिल्ली में उठाए गए सवालों के बाद अब भाजपा सरकार की ओर से तीखा पलटवार सामने आया है। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिन लोगों ने समय रहते इस प्रक्रिया में भाग नहीं लिया, उसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार या प्रशासन की नहीं बनती।

सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यकर्ता जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री दक ने कहा कि कांग्रेस ने अपना अधिकतर समय मनरेगा जैसे मुद्दों पर राजनीति करने में गंवा दिया। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप SIR प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह केवल आरोपों का सहारा ले रही है।

जनसुनवाई में आईं 70 शिकायतें

मंत्री दक ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 70 शिकायतें और प्रार्थनाएं प्राप्त हुईं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है।

‘सक्रिय नहीं रहे तो जिम्मेदारी हमारी नहीं’

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री दक ने दोहराया कि जब निर्वाचन आयोग ने SIR की प्रक्रिया शुरू की, तब भाजपा सरकार और प्रशासन ने पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल इस प्रक्रिया में समय पर सक्रिय नहीं रहा, तो उसकी जवाबदेही सरकार पर नहीं डाली जा सकती। कांग्रेस नेताओं को पहले आत्ममंथन करना चाहिए कि उन्होंने अपनी भूमिका क्यों नहीं निभाई।

दिल्ली में कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए दक ने कहा कि यह सब महज राजनीतिक नौटंकी है। राजस्थान की जनता सब कुछ समझती है और जानती है कि कौन धरातल पर काम कर रहा है और कौन केवल बयानबाजी में व्यस्त है।

चुनाव आयोग पर सवाल कांग्रेस की हताशा

मंत्री दक ने स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और विश्वसनीय बनाना है, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों। निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था है, उसके निर्णयों पर सवाल उठाना कांग्रेस की निराशा और हताशा को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है। मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया गया। तिथियां बढ़ाने या न बढ़ाने का निर्णय पूरी तरह निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। मंत्री दक ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी किसी का नाम अंतिम रूप से नहीं काटा गया है, केवल आपत्तियां दर्ज की गई हैं। जांच के बाद ही अंतिम फैसला होगा और यदि किसी का नाम गलती से हटता है तो दस्तावेज प्रस्तुत कर उसे दोबारा जोड़ा जा सकता है।

कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस के पिछले कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए मंत्री दक ने कहा कि पांच साल तक कांग्रेस सरकार जनसंपर्क से दूर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान सरकार होटलों और बंद कमरों तक सीमित थी, जबकि मौजूदा भाजपा सरकार बीते दो वर्षों से लगातार जनता के बीच जाकर काम कर रही है। दक ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद स्वीकार किया था कि वे लंबे समय तक घर से बाहर नहीं निकले।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के हर जिले का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। भाजपा सरकार के दो बजट जनता के सामने आ चुके हैं और तीसरे की तैयारी चल रही है, जबकि कांग्रेस सरकार की कई घोषणाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं।

जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता

जनसुनवाई कार्यक्रम को लेकर मंत्री दक ने बताया कि सहकारिता, राजस्व, बिजली, जलदाय, सामाजिक न्याय समेत कई विभागों से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। सरकार की प्राथमिकता है कि आम आदमी की समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास रखती है।

RCA चुनाव को लेकर भी दिए संकेत

इस बीच राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनावों को लेकर भी मंत्री दक ने संकेत दिए। भाजपा प्रदेश कार्यालय में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जल्द ही इस दिशा में अच्छे समाचार मिल सकते हैं। आरसीए चुनाव लंबे समय से अटके हुए हैं, जिसको लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आरसीए चुनाव को लेकर चल रहे विवाद के चलते आगामी आईपीएल मुकाबले जयपुर में होंगे या नहीं, इस पर भी संशय बना हुआ है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी और खेल प्रेमियों को राहत मिलेगी।