गरीब रथ ट्रेन के पहियों से उठा धुंआ, फिर इंजन में लगी आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी लेकिन सभी सुरक्षित

जिले के सेंदड़ा रेलवे स्टेशन पर देर रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब गरीब रथ एक्सप्रेस के इंजन में अचानक आग लग गई। इंजन से धुआं उठते ही लोगों में चिंता की लहर दौड़ गई और फिर आग की लपटें देखकर यात्री घबरा उठे। गनीमत रही कि आग केवल इंजन तक सीमित रही और डिब्बों में बैठे सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया और किसी बड़े हादसे को टाल दिया गया। इस घटना के चलते ट्रैक पर आने वाली दो अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हो गईं, लेकिन राहत की बात यह रही कि सुबह 6 बजे से यातायात फिर से सुचारु हो गया। यह ट्रेन (Train No. 12216) मुंबई से दिल्ली जा रही थी।

रेलवे प्रशासन की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया। एडीआरएम सुमित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है जो पता लगाएगी कि आखिर इंजन में आग कैसे लगी। सीपीआरओ शशि करण ने जानकारी दी कि जांच के बाद ही आग लगने के असल कारण सामने आ सकेंगे।

ब्यावर के सेंदड़ा स्टेशन के पास हुआ यह हादसा उस समय घटा जब इंजन से अचानक पहियों की ओर से धुआं उठता दिखा। सावधानी बरतते हुए ट्रेन को तुरंत रोका गया और इंजन में आग लगने की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दी गई। जैसे ही खबर फैली, अजमेर रेल मंडल में हड़कंप मच गया और एडीआरएम विकास बुरा एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी स्वाति जैन अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने देखा कि इंजन के नीचे जहां से धुंआ निकल रहा था, वहां आग भड़क गई थी। उस हिस्से को बुझा भी लिया गया, लेकिन कुछ ही देर में इंजन के भीतर से भीषण लपटें निकलने लगीं, जिससे हालात कुछ देर के लिए चिंताजनक हो गए।
आग बुझाने के लिए दमकलों को बुलाया गया और पांच दमकलों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। इस पूरी घटना के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि डिब्बों में बैठे यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। जैसे ही आग पर काबू पाया गया, अजमेर से एक नया इंजन रवाना किया गया और उसे गरीब रथ के कोच से जोड़ा गया। इसके बाद सुबह 6 बजे ट्रेन को अजमेर के लिए रवाना कर दिया गया।

इस घटना के चलते ट्रैक पर रुकावट आई, जिससे दो अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। भुज-बरेली ट्रेन 3 घंटे की देरी से अजमेर पहुंची जबकि भुज-दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन लगभग 3 घंटे 30 मिनट लेट हुई। लेकिन समय पर उठाए गए कदमों और कर्मचारियों की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी।