साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत मामले की जांच के लिए SIT गठित , पुलिस ने दर्ज की 'अप्राकृतिक मृत्यु' की FIR

जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। एसआईटी की कमान एसीपी छवि शर्मा को सौंपी गई है। टीम में बोरानाडा थाना के अधिकारी शकील और एक साइबर एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है।

पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ केस

प्रेम बाईसा के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस केस को BNS की धारा 194 के तहत 'अप्राकृतिक मौत' (Unnatural Death) के रूप में दर्ज किया है।

28 जनवरी को हुई थी मौत

जोधपुर के पाल गांव स्थित अपने आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत 28 जनवरी 2026 की शाम हुई। उनकी अचानक मौत ने न केवल उनके लाखों अनुयायियों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि संत समाज में भी शोक की लहर दौड़ गई। साथ ही, इस मौत को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं।

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत

सूत्रों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा (उम्र लगभग 23-25 वर्ष) की तबीयत अचानक आश्रम में बिगड़ गई। मौके पर बुलाए गए एक कंपाउंडर ने उन्हें इंजेक्शन दिया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई। उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने शाम लगभग 5:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने तक उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी।