कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा बुधवार को टोंक पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का स्वागत किया। इस दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डोटासरा ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार की नीतियों पर हमला बोला। डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ जैसी आपदा के बावजूद मुख्यमंत्री ने किसी क्षेत्र का दौरा नहीं किया। उनकी सरकार केवल विपक्ष और जनता की आवाज दबाने में लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में कैमरों के जरिए विपक्ष की जासूसी की जा रही है।
मुख्यमंत्री बनने पर डोटासरा का रिएक्शन:सचिन पायलट के जन्मदिन पर मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठने पर डोटासरा ने साफ किया, “धन्यवाद! यह फैसला पार्टी आलाकमान का है, मेरा नहीं।” मंत्रीमंडल फेरबदल और शिक्षा मंत्री के बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी को इंतजार है।
मगरमच्छ पकड़ने पर व्यंग्य:
पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के “मगरमच्छ जल्द पकड़े जाएंगे” बयान पर डोटासरा ने मजाकिया अंदाज में कहा, “कब पकड़े जाएंगे? मैं तो लगातार दौरा कर रहा हूं। पर्ची बदल जाएगी, उसके बाद पकड़े जाएंगे क्या बड़े मगरमच्छ?” यह टिप्पणी सीएम के ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम के संदर्भ में आई थी।
बाढ़ और किसानों की फसल:डोटासरा ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण पूरे प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात हैं। लोगों की जानें गईं, किसानों की फसल बर्बाद हो गई और गरीबों के घर ढह गए, लेकिन सरकार ने मदद नहीं पहुंचाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मंत्रियों को हेलिकॉप्टर से घुमा कर सब ठीक कर दिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना:डोटासरा ने वासुदेव देवनानी, विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि वे नेता प्रतिपक्ष को धमकाकर बैठा देते हैं। उनके अनुसार विपक्ष और सरकार के लिए अलग कानून लागू किए जा रहे हैं, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।
निकाय और पंचायत चुनाव पर हमला:उन्होंने कहा कि सरकार पंचायत और निकाय चुनाव नहीं करवा रही है, जबकि संवैधानिक रूप से हर 5 साल में चुनाव होना चाहिए। जनता इस सरकार को मंत्री या मुख्यमंत्री मानने को तैयार नहीं है।
पायलट और गहलोत के बीच खींचतान:राजस्थान में पहले भी सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद रह चुका है। इस सियासी उथल-पथल के दौरान पायलट को उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, यह बहस आज भी जारी है कि अगले मुख्यमंत्री का दावेदार कौन होगा।