राजस्थान में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी: लगातार दूसरे दिन 41 RAS अधिकारियों के तबादले, कई उपखंड अधिकारी बदले

जयपुर। राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने प्रशासनिक सेवा में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए लगातार दूसरे दिन आरएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। सोमवार को जहां 222 अधिकारियों की सूची जारी की गई थी, वहीं मंगलवार देर रात राज्य के कार्मिक विभाग ने एक और आदेश जारी कर 41 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए। इस तरह दो दिनों में कुल 263 आरएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर ज़मीनी प्रशासन पर देखने को मिलेगा, क्योंकि अधिकांश तबादले उपखंड अधिकारियों और जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों से जुड़े हुए हैं। कई अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत थे, जिनका अब स्थानांतरण कर नई जगहों पर तैनाती दी गई है।

तबादला सूची के अनुसार, डॉ. अनिल कुमार पालीवाल को जोधपुर स्थित एमबीएम विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार बनाया गया है, जबकि हंसमुख कुमार को उपखंड अधिकारी लूणी, रवि प्रकाश को उपखंड अधिकारी लोहावट और रामनिवास मेहता को उपखंड अधिकारी ओसियां के रूप में नियुक्त किया गया है। इन चारों पदों पर तैनाती विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान की प्रशासनिक सख्ती को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम मानी जा रही है।

इसके अलावा, जयपुर में भी कई अहम नियुक्तियां की गई हैं। संजय कुमार माथुर को जयपुर (पूर्व) का अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और प्रिया भार्गव को एनएचएम, जयपुर का परियोजना निदेशक बनाया गया है। वहीं, जयपुर विकास प्राधिकरण में दामोदर सिंह, संजय कुमार गोरा, डॉ. अभिषेक गोयल और अनुज भारद्वाज जैसे अधिकारियों को उपायुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां राजधानी के नगरीय विकास से जुड़ी बड़ी योजनाओं में प्रशासनिक कुशलता लाने की मंशा को दर्शाती हैं।

उधर, मेघना चौधरी को अजमेर में अतिरिक्त महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक (प्रशासन) का कार्यभार सौंपा गया है। तुलिका सैनी को जयपुर में कर्मचारी चयन बोर्ड का संयुक्त सचिव बनाया गया है, जो कि प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगी।

राज्य के अन्य जिलों जैसे बारां, बांसवाड़ा, उदयपुर, जैसलमेर, सिरोही, धौलपुर, सीकर, जालोर, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, बालोतरा, हनुमानगढ़ और अजमेर में भी नए उपखंड अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन नियुक्तियों में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जो कि प्रशासन में लिंग संतुलन और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने का संकेत है।

पिछले कुछ महीनों से राज्य में RAS अधिकारियों के तबादलों को लेकर चर्चाएं तेज थीं। IAS और IPS अधिकारियों की सूचियां पहले ही सामने आ चुकी थीं, लेकिन RAS तबादला सूची का लंबे समय से इंतजार था। सरकार ने अब दो दिनों में एक के बाद एक दो आदेश जारी कर साफ संकेत दिया है कि प्रशासनिक ढांचे में सक्रियता और कार्यकुशलता को लेकर अब कोई ढील नहीं दी जाएगी।

इन तबादलों से स्पष्ट है कि सरकार प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने और ज़मीनी स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में गंभीर है। खासकर, उपखंड स्तर पर की गई इन नियुक्तियों से जनहित से जुड़े कार्यों में गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की नई तैनाती वाले क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रशासनिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।