राजसमंद में शनिवार से रोडवेज बसों का पहिया थम गया है। संविदा पर काम करने वाले ड्राइवरों ने वेतन विसंगतियों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उनके अनुसार, उन्हें वादा किए गए वेतन के मुकाबले काफी कम राशि दी जा रही है। ड्राइवरों ने 'टॉप मेन पवार मैनेजमेंट' एजेंसी पर वेतन में कटौती और मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है।
कम वेतन को लेकर भड़के चालक, एजेंसी पर लगाए शोषण के आरोपसंविदा चालकों ने बताया कि जहां उन्हें हर महीने ₹19,700 मिलने चाहिए, वहीं एजेंसी उन्हें मात्र ₹7,000 तक का ही भुगतान कर रही है। कई चालकों को तो ₹4,000 से ₹6,000 तक ही वेतन दिया जा रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय से जारी है और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी न केवल कम वेतन दे रही है बल्कि भुगतान में भी भारी असमानता बरत रही है।
बस सेवाएं ठप, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानीहड़ताल के चलते राजसमंद रोडवेज डिपो से बसों का संचालन पूरी तरह रुक गया है। बसें नहीं चलने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग जो रोजाना काम या स्कूल-कॉलेज जाने के लिए रोडवेज बसों पर निर्भर हैं, उन्हें मजबूरन निजी बसों और टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा।
प्रबंधन को सौंपेंगे ज्ञापन, चेतावनी भी दीसंविदा चालकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे। उन्होंने प्रशासन से उचित वेतन देने और ठेकेदार एजेंसी की जांच कराने की मांग की है। ड्राइवरों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। इसी सिलसिले में वे रोडवेज के मुख्य प्रबंधक को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।
त्योहारी सीजन से पहले बड़ा झटकाहड़ताल ऐसे समय में शुरू हुई है जब त्योहारों का सीजन नजदीक है और यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बस सेवाओं के ठप होने से आम जनता को भारी असुविधा हो रही है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और जल्द ही चालकों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।