राजस्थान में भजनलाल सरकार शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नगरीय विकास को गति देने पर जोर दे रही है। सितंबर महीने तक इस दिशा में कुल 2,302 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 18 लाख नागरिक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।
सीवरेज और जलप्रदाय परियोजनाओं का विस्तारआरयूआईडीपी (RUIDP) के चौथे चरण, ट्रेंच-1 के तहत 3,076.63 करोड़ रुपए की लागत से 14 शहरों में सीवरेज और जलप्रदाय की परियोजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा 12 शहरों में फीकल स्लज और सेप्टेज मैनेजमेंट (FSSM) कार्य भी सम्पन्न किए जा रहे हैं। अब तक लक्ष्मणगढ़ (जलप्रदाय), फतेहपुर, प्रतापगढ़, डीडवाना, मकराना (सीवरेज) और मंडावा (सीवरेज एवं जलप्रदाय) में कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वहीं सिरोही, आबूरोड, सरदारशहर, बांसवाड़ा, खेतड़ी, कुचामन (सीवरेज एवं जलप्रदाय) और रतनगढ़, लाडनूं (सीवरेज) में परियोजनाएं अभी जारी हैं। FSSM के कार्यों में बांदीकुई, दौसा, जोबनेर और नीमकाथाना में काम सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं।
पर्यावरण संरक्षण और शहरी जीवन स्तर में सुधारआरयूआईडीपी की योजनाओं को एशियन विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है, जिसमें 70 प्रतिशत धनराशि बैंक और 30 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल शहरों की स्वच्छता और जीवन-स्तर को बेहतर बनाना है, बल्कि राज्य को पर्यावरण संरक्षण में नई पहचान दिलाना भी है।
स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध शहरों के संकल्प को मूर्त रूपभजनलाल सरकार ने स्वच्छ, सुंदर और समृद्ध शहरों के लक्ष्य को साकार करने के लिए नगरीय विकास में ठोस कदम उठाए हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर और झालावाड़-झालरापाटन में कुल 602 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज के तीन बड़े काम पूरे किए गए हैं, जिससे इन शहरों में नागरिकों को बेहतर जलप्रदाय और स्वच्छता सुविधाएं मिल रही हैं।