राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों के तबादलों को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव से पहले किसी भी अधिकारी को उनके गृह जिले या गृह क्षेत्र में तैनात नहीं रखा जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
कौन-कौन से अधिकारी होंगे प्रभावितनिर्देशों के अनुसार संभागीय आयुक्त, पुलिस रेंज के आईजी और डीआईजी, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त कलेक्टर, एडिशनल एसपी, एसडीएम, सहायक कलेक्टर, डीवाईएसपी और तहसीलदार यदि अपने गृह जिले में तैनात हैं, तो उनका तबादला अनिवार्य होगा। इसके अलावा, जयपुर और जोधपुर में तैनात पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त भी अपने गृह जिले में नहीं रह सकेंगे।
शहरी निकाय क्षेत्र में तैनात अधिकारियों के लिए नियमनगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका के आयुक्त, पुलिस थाने के एसएचओ, नायब तहसीलदार और सब-इंस्पेक्टर को भी अपने गृह नगर पालिका क्षेत्र में नहीं रखा जाएगा। इसी तरह, बीडीओ, नायब तहसीलदार और सब-इंस्पेक्टर को उनकी गृह पंचायत समिति क्षेत्र में तैनात नहीं किया जाएगा।
तबादलों की समय सीमा और नियमआयोग ने 30 अप्रैल 2026 को कट-ऑफ डेट माना है। इसके तहत पिछले चार साल में किसी अधिकारी की पोस्टिंग तीन साल से अधिक रही हो, तो उसका तबादला अनिवार्य है। चुनाव की निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन सभी तबादलों की प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 तक पूरी की जानी जरूरी है।
राज्य निर्वाचन आयोग का यह कदम अधिकारियों की गृह तैनाती से उत्पन्न संभावित दबाव और व्यक्तिगत हितों के प्रभाव को रोकने तथा चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।