जयपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जयपुर दौरे और राइजिंग राजस्थान समिट में हुए MOU को लेकर सियासत गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मौके पर 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश की धरातल पर पहुंचने के प्रमाण मांगते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। इस पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के दौर में फाइलें अटकती थीं, लेकिन अब विकास तेज़ी से दौड़ रहा है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान निवेश का नया गढ़ बन रहा है और भाजपा सरकार ने राज्य की पहचान बदलते हुए नई औद्योगिक क्रांति की नींव रखी है।
निवेशक पहले भटकते थे, अब जमीन पर कार्रवाईकर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने विकास की गति को नई दिशा दी है। पहले कांग्रेस के कार्यकाल में फाइलें अटकती थीं, निवेशक परेशान होकर अन्य राज्यों में चले जाते थे। अब भाजपा सरकार के पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल माहौल की वजह से केवल कुछ महीनों में 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। राठौड़ ने इसे महज दावे के तौर पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत बताया। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार पांच वर्षों में बड़े निवेश लाने में असफल रही, जबकि वर्तमान सरकार ने 22 महीनों में ही रिकॉर्ड प्रगति हासिल की है।
कांग्रेस के लिए विकास सिर्फ राजनीति, भाजपा के लिए जनता का अधिकारराज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के लिए उद्योग-धंधे सिर्फ कागजों तक सीमित थे, जबकि भाजपा सरकार ने उन्हें धरातल पर लाया है। कांग्रेस के लिए विकास केवल राजनीति का मुद्दा था, लेकिन भाजपा के लिए यह जनता का अधिकार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने अब तक 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं, जिससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। इसी अवधि में 91 हजार सरकारी नौकरियां और 1.54 लाख निजी रोजगार के अवसर बने हैं।
पारदर्शिता और समीक्षा से बढ़ा व्यवसायिक भरोसाकर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर से लेकर विभागीय स्तर तक निवेश प्रस्तावों की निरंतर समीक्षा की जा रही है। हर समझौते की जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। इसी पारदर्शिता के चलते राजस्थान Ease of Doing Business के मामले में नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारी कथनी और करनी में अंतर नहीं है। कांग्रेस सवाल बनाती है, भाजपा समाधान देती है।”