राजस्थान के सीकर ज़िले में हनीट्रैप का गोरखधंधा करने वाले गिरोह पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। धोद थाना पुलिस ने गिरोह की मास्टरमाइंड समेत दो महिलाओं को धर दबोचा है। इन पर आरोप है कि इन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बुजुर्ग व्यक्तियों को जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठे। हाल ही में इन महिलाओं ने फेसबुक के माध्यम से एक 64 वर्षीय बुजुर्ग से संपर्क साधा और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर करीब 12.90 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद दोनों महिलाएं लगातार अपना चेहरा छिपाने की कोशिश करती रहीं।
बुजुर्ग को ऐसे बनाया शिकारपुलिस के अनुसार, पीड़ित रामकरण ने 30 अगस्त को धोद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि फेसबुक पर उसकी मुलाकात ‘रेणुका चौधरी’ नाम की महिला से हुई थी। बातचीत का सिलसिला बढ़ा तो रेणुका ने वीडियो कॉल करना शुरू किया और बाद में अपनी परिचित ‘सुबीता’ को भी पीड़ित से मिलवाया। सुबीता की बेटी को बहाने से फार्महाउस पर बुलाया गया, जिसके तुरंत बाद रेणुका अन्य सहयोगियों के साथ वहां पहुंची। गैंग ने बुजुर्ग को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और मौके पर ही उनसे सोने की चेन, अंगूठी और 25,000 रुपये नकद ले लिए। इसके बाद दबाव बनाकर एक स्टांप पेपर पर लिखवाया और रेणुका के बैंक खाते में 12.90 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस जांच और गिरफ्तारीपीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और रेणुका का बैंक खाता फ्रीज कर दिया। गुप्त सूचना मिलने पर धोद थाना पुलिस ने सीकर बाईपास स्थित धोद चौराहे से रेणुका चौधरी और उसकी साथी महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद भी दोनों आरोपी लगातार मीडिया और पुलिस से अपना चेहरा छिपाती रहीं।
मास्टरमाइंड रेणुका चौधरी और पुराने मामलेजांच में पता चला कि गिरफ्तार रेणुका चौधरी इस हनीट्रैप गिरोह की मास्टरमाइंड है। इससे पहले भी उस पर लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में एक सरकारी डॉक्टर को फंसाकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप है। लगातार मिल रही शिकायतों के कारण पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
गिरोह में बाकी सदस्य अब भी फरारपुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह में कुल पांच लोग सक्रिय थे। जिनमें से दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन सदस्य अभी भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।