35 साल के कांस्टेबल की संदिग्ध हालात में मौत: खेतों में मिट्टी में सना पड़ा मिला शरीर, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

फलोदी जिले के भोजासर थाने में तैनात 35 वर्षीय कांस्टेबल शैतानराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। कांस्टेबल थाने से करीब 30 किलोमीटर दूर पलीना गांव के पास एक सुनसान खेत में बेसुध अवस्था में मिला। उनके शरीर पर सिर्फ पैंट थी और वह पूरी तरह से मिट्टी से सना हुआ था। आसपास चप्पल, जूते और टीशर्ट भी नहीं मिले।

आखिरी सांसें अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं

गांववालों ने जब कांस्टेबल को इस हालत में देखा तो तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन अफसोस की बात है कि जब तक उन्हें फलोदी जिला अस्पताल ले जाया गया, तब तक उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। यह घटना न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि आम लोगों के लिए भी सवालों से भरी हुई है – आखिर एक वर्दीधारी इस हाल में वहां कैसे पहुंचा?
थाने से इतनी दूर क्यों और कैसे पहुंचा शैतानराम?

थाना अधिकारी महेंद्र दत्त शर्मा ने बताया कि कांस्टेबल शैतानराम की क्रेटा कार भोजासर थाने में खड़ी मिली है। ऐसे में ये रहस्य बना हुआ है कि वो पलीना गांव के इस सुनसान इलाके में कैसे और क्यों पहुंचा। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

संघर्षों से भरी थी जिंदगी, परिवार में पसरा मातम

शैतानराम श्रीराम नगर की ढाणी जांबा का रहने वाला था। पिता जोरा राम सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और बड़ा भाई गिरधारीलाल भी पुलिस कांस्टेबल है। शैतानराम 2013 में भर्ती हुआ था और परिवार के लिए एक मजबूत सहारा था। वह शादीशुदा था और उसके दो छोटे बेटे हैं, जिनकी उम्र महज 5 और 7 साल है। उसकी मौत से घर में मातम पसरा हुआ है, और हर कोई यही सवाल कर रहा है – आखिर उसके साथ क्या हुआ?