राजस्थान की वित्त मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने 11 फरवरी, 2026 को विधानसभा में राजस्थान बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया। बजट को समृद्ध राजस्थान और विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहलइस साल के बजट में शिक्षा पर खास जोर दिया गया है। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्ट एजेंसी बनाई जाएगी। इसके अलावा, 500 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी और प्रत्येक जिले में कम से कम एक व्यावसायिक स्कूल को क्रमोन्नत किया जाएगा। इसके लिए कुल 51.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कक्षा 8, 10 और 12 के मेधावी छात्रों को DBT के माध्यम से 20,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। 800 स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से क्रमोन्नत किया जाएगा, जबकि 1000 स्कूलों में AI लैब और नेक्स्ट-जेन टेक्नो हब स्थापित करने के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, शहीद और पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए वार्षिक छात्रवृत्ति 2,000 रुपये तय की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए सुरक्षित शौचालय बनाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों के जीर्णोद्धार और रखरखाव पर 950 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 150 कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पूर्व सैनिक, युवा और महिला सशक्तिकरणजोधपुर में मेज़र शैतान सिंह प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना होगी। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षित करने हेतु 1,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं, झुंझुनू में वार म्यूजियम की स्थापना का प्रस्ताव है।
महिला सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना के तहत पात्र महिलाओं को अब डेढ़ लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। महिला सुरक्षा गार्ड और गाइड की नियुक्ति के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त, 1000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चरसड़क हादसों को कम करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय CPR प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। 100 करोड़ रुपये से स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। 150 करोड़ रुपये ट्रॉमा सेंटरों के लिए रखे गए हैं।
लावारिस और विमंदित लोगों को आयुष्मान आरोग्य सेंटर के माध्यम से उपचार मिलेगा। जेके लोन अस्पताल में 500 बेड क्षमता का नया आईपीडी टावर बनाया जाएगा। संभाग स्तर पर लोक नृत्य उत्सव आयोजित होंगे। सीकर, झुंझुनू और डीग-भरतपुर में नए एयरपोर्ट के लिए अध्ययन करवाया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
8वें वेतन आयोग और कर्मचारियों के लिए ऐलानदीया कुमारी ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए विशेष सैलरी अकाउंट पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज में डिजिटल बैंकिंग, रियायती दर पर लोन और व्यापक बीमा सुविधाएं शामिल होंगी। ये लाभ केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि 70 वर्ष तक के पेंशनर्स को भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
भविष्य में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट राजस्थान में लागू करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति वेतन विसंगतियों और प्रमोशन के मुद्दों का समाधान करेगी। प्रदेश के अधिकारियों को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
आदिवासी जिलों और किसानों के लिए प्रावधानसरकार ने माना कि आदिवासी जिलों जैसे डूंगरपुर और बांसवाड़ा के किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होते, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण का लाभ नहीं मिल पाता। बजट में इन गांवों के किसानों को खातेदारी अधिकार देने का प्रस्ताव रखा गया है।
अन्य प्रमुख घोषणाएंअस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के ठहरने के लिए विश्रामगृह बनाए जाएंगे।
बेहतर काम करने वाली पंचायतों को स्टेट अवॉर्ड मिलेगा।
खारे पानी वाले जिलों में मत्स्य पालन के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
राजस्थान बजट 2026-27 में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जो प्रदेश के समृद्ध और विकसित होने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी।