राजस्थान विधानसभा का आज का सत्र एक बार फिर भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रश्नकाल की शुरुआत से ही कांग्रेस विधायकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए सदन का माहौल अशांत कर दिया। परिणामस्वरूप प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही पूरी तरह बाधित रही। कांग्रेस विधायकों के वेल में उतरने और लगातार विरोध के चलते विधानसभा अध्यक्ष को मजबूरन सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
विवाद की शुरुआतदरअसल, प्रश्नकाल के दौरान खानपुर से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर ने राज्य में बढ़ती लूट, डकैती और नकबजनी की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए पुलिस और अपराधियों की सांठगांठ का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में बिना गिरफ्तारी के ही माल बरामद कर लिया जाता है, जिससे स्पष्ट होता है कि अपराधियों और पुलिस के बीच मिलीभगत है।
इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि कई बार अपराधी मौके से माल छोड़कर फरार हो जाते हैं, और कुछ मामलों में ऐसा ही हुआ कि मुजरिम ट्रक और मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर भाग गए।
स्पीकर और कांग्रेस विधायकों में टकरावइस जवाब से कांग्रेस विधायकों की नाराजगी और बढ़ गई। इस बीच जब नेता प्रतिपक्ष बोलना चाहते थे तो विधानसभा स्पीकर ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह मुद्दा खानपुर का है और केवल वहीं के विधायक सवाल पूछ सकते हैं। इस बात पर कांग्रेस विधायक जूली ने आपत्ति जताई और कहा कि स्पीकर का रवैया ठीक नहीं है।
जूली और अन्य विधायकों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
महिला विधायकों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्कीदोपहर 12 बजे कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी कांग्रेस विधायकों का हंगामा थमा नहीं। वे लगातार वेल में खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। इस बीच स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कांग्रेस की महिला विधायकों और सदन में तैनात मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की तक हो गई।
यह दृश्य देखते ही विधानसभा स्पीकर ने कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया।
कांग्रेस का आक्रोश और विपक्ष का आरोपकांग्रेस विधायकों का आरोप था कि सरकार गंभीर मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। उनका कहना था कि अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सत्ता पक्ष इस पर ठोस जवाब नहीं दे रहा। वहीं, विपक्ष ने स्पीकर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
लगातार विवादों में घिरा मानसून सत्रराजस्थान विधानसभा का यह मानसून सत्र लगातार विवादों और हंगामों की वजह से सुर्खियों में रहा है। कभी सरकारी स्कूलों की दुर्दशा पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, तो कभी झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर सरकार की आलोचना की गई। आज का घटनाक्रम भी इसी श्रृंखला का हिस्सा रहा, जिसमें सवाल-जवाब से ज्यादा शोर-शराबा और नारेबाजी देखने को मिली।
अब देखने वाली बात यह होगी कि अगली कार्यवाही में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच संवाद कैसे स्थापित होता है। यदि यही हाल रहा, तो आने वाले दिनों में भी सदन का कामकाज प्रभावित होता रहेगा और जनता से जुड़े मुद्दे चर्चा के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ते रहेंगे।