राजस्थान: 3 साल की मासूम ने मुंह में डाली टॉफी, पल भर में हुआ धमाका; जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां महज़ तीन साल की एक बच्ची ने जैसे ही टॉफी समझकर एक चीज़ मुंह में रखी, उसी क्षण तेज़ धमाका हो गया। विस्फोट इतना भयावह था कि बच्ची का जबड़ा और गाल फट गए। गंभीर हालत में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आपात सर्जरी कर उसकी जान बचाई।

क्या है पूरा मामला?

india tv की खबर के अनुसार यह घटना अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के अलवर रोड स्थित चौकी बास गांव की है। मंगलवार सुबह गांव की एक किराना दुकान पर टॉफी लेने गई तीन वर्षीय बच्ची के साथ यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची ने टॉफी को जैसे ही मुंह में डालकर चबाया, अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके की आवाज़ सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्ची का जबड़ा और गाल बुरी तरह फट चुके थे और वह खून से लथपथ हो गई।

टॉफी की जगह थमा दिया गया विस्फोटक

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्ची अक्शु अपनी बड़ी बहन अहाना के साथ गांव की ही एक दुकान पर टॉफी लेने गई थी। आरोप है कि दुकानदार सुदील उर्फ काला, पुत्र नत्थो, ने टॉफी के बजाय बारूद से भरी पटाखेनुमा वस्तु बच्ची को थमा दी, जो देखने में टॉफी जैसी लग रही थी। जैसे ही अक्शु ने उसे मुंह में रखा, विस्फोट हो गया। बच्ची दर्द से चीखती हुई वहीं गिर पड़ी।

परिजन उसे तुरंत अलवर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने बिना देरी किए ऑपरेशन किया। चिकित्सकों के अनुसार, सर्जरी सफल रही है और फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

इस मामले में बच्ची की चाची निकिता की शिकायत पर रामगढ़ थाने में केस दर्ज किया गया है। थानाधिकारी डॉ. विजेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच कराई जा रही है और विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है, ताकि विस्फोटक सामग्री की प्रकृति और स्रोत का पता लगाया जा सके।

वहीं, आरोपी दुकानदार का दावा है कि बच्ची को चोट सड़क पर गिरने और कोल्डड्रिंक की कांच की बोतल से लगने के कारण आई है। हालांकि, डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्ची के जबड़े और मुंह पर आई चोटें स्पष्ट रूप से विस्फोट की ओर इशारा करती हैं।

डीएसपी का बयान और अस्पताल की भूमिका

डीएसपी पिंटू कुमार ने कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इधर, सानिया अस्पताल के डॉक्टरों की तत्परता से बच्ची की जान बचाई जा सकी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्ची अनजाने में चॉकलेट के रैपर में लिपटे पटाखे जैसी वस्तु को खाने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिससे उसके चेहरे, मुंह और जबड़े में गहरी व जटिल चोटें आई थीं।

घटना के तुरंत बाद बच्ची को अस्पताल की इमरजेंसी सेवा में लाया गया, जहां डॉ. साद ने बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालत नाज़ुक होने के कारण बच्ची को आईसीयू में भर्ती कर लगातार निगरानी में रखा गया। आवश्यक जांच और इलाज के बाद उसकी स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया।

डॉक्टरों की अपील

डॉ. तैयब खान ने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों को किसी भी संदिग्ध, विस्फोटक या खाने योग्य न होने वाली वस्तुओं से दूर रखें। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथ में देने से पहले हर चीज़ की जांच ज़रूरी है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल के अनुसार, बच्ची अब खतरे से बाहर है और चिकित्सकीय देखरेख में धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है।